पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों (वक्फ) को लेकर कहा कि प्रशासन द्वारा लोगों के हितों और भावनाओं के खिलवाड़ कर अपनी नीतियां लागू करने का असर देखने को मिलेगा। पीडीपी द्वारा यहां जारी बयान में मुफ्ती ने प्रशासन को कश्मीर के लोगों की भावनाओं और मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों के साथ खिलवाड़ करने को लेकर आगाह किया। 

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ऐसी रिपोर्ट हैं कि जम्मू-कश्मीर सरकार श्रीनगर के ईदगाह इलाके में एक कैंसर अस्पताल या एक स्टेडियम बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने विभिन्न प्रकार की सुविधाओं के लिए ईदगाह को परिवर्तित करने पर सरकार और कुछ वक्फ अधिकारियों के नवीनतम बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 600 वर्ष पहले और विशिष्ट उपयोग जिसके लिए मीर सैयद अली हमदानी द्वारा कश्मीर के मुसलमानों को जमीन दान में दी गई थी। उन्होंने कहा, ईदगाह के बारे में जारी बयानों से स्थानीय मुस्लिम आबादी की भावनाएं आहत हुई है और वे स्थिति को बहुत सारी आशंकाओं के साथ देख रही हैं और लोगों की इच्छा के खिलाफ कुछ भी किया जा रहा है और स्थानीय लोगों को नमाज के लिए जगह देने से इनकार कर रहे हैं और जो कुछ भी वे पारंपरिक रूप से करते रहे हैं। यह खतरनाक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। 

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उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार ने लोगों के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है, विशेषकर कश्मीर के लोगों और जम्मू के कई इलाकों के विरूद्ध।  महबूबा ने कहा कि इस सरकार का कोई प्रतिनिधि चरित्र नहीं है और न ही राज्य में किसी भी समुदाय की ओर से निर्णय लेने का अधिकार है, विशेषकर मुस्लिम समुदाय जिससे वक्फ संपत्तियां हैं। इससे पहले पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा ईदगाह में कैंसर अस्पताल बनाने की योजना पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, सामूहिक प्रार्थना के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भूमि को क्यों छू रही है और उसी उद्देश्य के लिए विशाल ‘टैटू ग्राउंड’ भूमि का उपयोग क्यों नहीं करती।