मनी लॉन्ड्रिंग के कथित मामले में घिरे शिवसेना के सांसद संजय राउत समर्थकों और वकीलों के झुंड से घिरे शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय पहुंचे। यह मामला 1,034 करोड़ रुपये के पटरा चॉल घोटाले से संंबंधित है। संजय राउत ने कहा, चाहे जो भी हो, कानून को मानने वाले नागरिक के रूप में जांच में शामिल होना मेरा कर्तव्य है। मैं ईडी को दोष नहीं देता। मुझे उन्हें जानकारी देनी होगी।

ये भी पढ़ेंः मुख्यमंत्री की कुर्सी छीनने के बाद अब उद्धव ठाकरे को 'बर्बाद' करना चाहती है मोदी सरकार, बनाया ऐसा खतरनाक प्लान


राउत ने अपने समर्थकों से कहा कि वे ईडी के कार्यालय के बाहर भीड़ न लगाएं। राउत ने ईडी के समन का सोमवार को जवाब दिया था। उन्होंने महाराष्ट्र में जारी सियासी तूफान का हवाला देते हुए शुक्रवार तक का समय मांगा था। उस वक्त उन्होंने ईडी की कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था और ईडी को चुनौती दी थी कि वह उन्हें हिम्मत हो तो गिरफ्तार करे, गोली मारे या उनका सिर कलम कर दे, लेकिन वह गुवाहाटी के रास्ते पर नहीं जाएंगे।

ये भी पढ़ेंः तो क्या महाराष्ट्र में गिर जाएगी एकनाथ शिंदे की सरकार, उद्धव ठाकरे ने कर दिया ऐसा बड़ा खेल


ईडी ने गत अप्रैल में राउत, उनकी पत्नी वर्षा और एक कारोबारी संबंधी की प्रॉपर्टी को अटैच करने का आदेश दिया था। इसमें राउत की पत्नी के नाम की दो करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी और कारोबारी सहयोगी प्रवीण राउत के नाम पर रायगड में नौ करोड़ रुपयेे की आठ प्रॉपर्टी शामिल थे। प्रवीण राउत को गिरफ्तार किया गया था।