लंका को एक बार भगवान हनुमान ने जला कर राख किया था और आज समय ऐसा है कि लंका खुद ब खुद आग में जल रही है। दरअसल में, श्रीलंका आर्थिक हालातों से जूझ रहा है। जनता सड़कों पर उतर आई है और सत्ताधारी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। इसी जनता के गुस्से की आग में जलकर सत्ताधारी पार्टी के एक सांसद ने आत्महत्या कर ली है।

 
श्रीलंका में कल सोमवार को काफी रक्तपात हुआ, जिसमें सांसद समेत कुछ लोगों की जान गई वहीं 150 लोग जख्मी बताये जा रहे हैं। वहीं राजपक्षे ने अब पीएम पद से इस्तीफा दे दिया है।स हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने देशभर में फिर से कर्फ्यू लगा दिया है वहीं राजधानी कोलंबो में तो सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सेना को सौंप दिया गया है।
दरअसल, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के घर के बाहर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। इस बीच उनके भाई और पीएम राजपक्षे के कट्टर समर्थकों ने उनपर हमला कर दिया। इसके बाद हिंसा भड़क गई।


सांसद ने ऐसे किया सुसाइड


सोमवार को सत्ताधारी पार्टी के सांसद Amarakeerthi Athukorala की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, उनकी गाड़ी को निट्टंबुवा में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने घेर लिया था। लोगों का कहना है कि इस दौरान सांसद की SUV गाड़ी से फायरिंग हुई। इसपर भीड़ भड़क गई।
फिर सांसद वहां से भागे और एक बिल्डिंग में छिप गए, जिसे हजारों लोगों ने घेर लिया था। कहा जा रहा है कि उसके बाद भीड़ से डरकर सांसद ने खुद को अपनी ही रिवॉल्वर से गोली मार ली। बिल्डिंग से उनके निजी सुरक्षाकर्मी की लाश भी मिली। इस पूरे घटनाक्रम में 27 साल के एक और शख्स की मौत हुई है। माना जा रहा है कि सांसद की कार से चली गोली उसको लगी थी।

राजपक्षे ने दिया इस्तीफा

श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने कल ही करीब 3000 हजार समर्थकों के सामने कहा कि राष्ट्रहित में वह पीएम पद छोड़ रहे हैं यानी अब सरकार भंग हो गई है। हिंसा के बीच विपक्षी दलों का कहना है कि वह ऐसे किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेंगे जिसमें राजपक्षे परिवार का कोई भी सदस्य हो। फिलहाल श्रीलंका में हालात सुधरे नहीं हैं। देश में अब आपातकाल लगा हुआ है, जिसमें सेना को गिरफ्तार करने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की शक्ति है।