अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का बंगला अब गेस्ट हाउस में तब्दील कर दिया गया है। सीएम हाउस को गेस्ट हाउस में तब्दील करने की वजह इसका पुराना होना या छोटा होना नहीं है। राज्य सरकार के कई अधिकारियों का मानना है कि यहां किसी शैतानी रूह या भूत का वास है।

कुछ वक्त पहले कई धर्मों के पुजारियों को सीएम हाउस के शुद्धिकरण के लिए बुलाया गया था। यह आलीशान सीएम हाउस 60 करोड़ रुपए की लागत से 2009 में दिवंगत सीएम दोरजी खांडू के कार्यकाल में बनकर तैयार हुआ था। यह भवन अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की एक ऊंची पहाड़ी बर बनाया गया था। 2009 के बाद 7 अलग अलग मुख्यमंत्री इस निवास में रह चुके हैं। इनमें से कार्यकाल के दौरान दोरजी खांडू और जारबोम गैमलीन की मौत भी हो चुकी है।

खांडू की मौत हेलिकॉप्टर दुर्घटना में हुई थी जबकि गैमलीन की मौत लंबी बीमारी की वजह से हुई। इसके बाद कांग्रेस के नबाम तुकी को विधानसभा चुनावों में भारी जीत मिली। अफसरों के मुताबिक तुकी ने इस भवन को लेकर कई वास्तु विशेषज्ञों से संपर्क किया था। उन्हें लगता था कि बंगले में वास्तु दोष है। तुकी के अनुसार बंगले में बदलाव होता तब तक तुकी को हटाकर कलिखो पुल मुख्यमंत्री बन गए। इसके बाद तुकी सुप्रीम कोर्ट गए और सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद स्थितियां तब और जटिल हो गई जब सुप्रीम कोर्ट के फैस के बाद पुल ने सीएम हाउस में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

इस घटना के दो महीने बाद बंगले के एक स्टाफ का शव ठीक बगल के कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद फिर से मुख्यमंत्री बनने वाले तुकी इस बंगले में शिफ्ट नहीं हुए। इसके बाद अधिकारियों ने शुद्धिकरण करके इसे गेस्ट हाउस में बदलने का फैसला लिया। गेस्ट हाउस के प्रत्येक कमरे को कई पुजारियों और पादरियों द्वारा शुद्ध करने के बाद खोला गया। शुद्धिकरण की प्रक्रिया में शामिल नबाम रेबिया ने बताया,मुझे किसी तरह के अंधविश्वास में भरोसा नहीं है। मैं हमेशा इस तरह के अंधविश्वासों को अपन व्यक्तिगत जीवन में भी हतोत्साहित करता हूं।