भारत सरकार द्वारा कोरोना को रोकने के लिए तमाम प्रयासों के साथ ही टीका उत्सव मनाया जा रहा है। जिसके तहत सरकार की बड़े पैमाने पर देश भर में टीकाकरण करने का लक्ष्य है लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के कर्मचारी सरकार की लगातार अपील के बावजूद अब भी डर और संशय के कारण कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। AAI कर्मचारियों को डर है कि वैक्सीन लगवाने के बाद उन्हें इसके साइड इफेक्ट का सामना करना पड़ सकता है। एयरपोर्ट अथॉरिटी कर्मचारी संघ (AAEU) के महासचिव बलराज सिंह अहलावत ने कहा, हमारे संगठन में पूरे भारत में 18,000 मेंबर्स हैं और करीब 12,000 कर्मचारी 45 साल से ज्यादा आयु वर्ग के हैं। लेकिन अधिकतर कर्मचारी इसी डर और घबराहट में है कि अगर वे टीका लगवाते हैं तो उन्हें कोई साइड इफेक्ट हो जाएगा और कई रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि टीका लगवाने के बाद लोग दोबारा संक्रमित हो गए। इसी वजह से कर्मचारी वैक्सीन लगवाने से घबरा रहे हैं।

AAEU के महासचिव बलराज सिंह अहलावत ने अपने कर्मचारियों से अपील की है कि वे आगे आकर वैक्सीन लगवाएं। लेकिन AAEU के 100 कर्मचारी भी एक साथ आकर वैक्सीन लगाने के लिए तैयार नहीं हैं। जिसकी वजह से संघ द्वारा वैक्सीनेश कैंप लगाने में दिक्कत आ रही है। पिछले हफ्ते केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश देते हुए लिखा था कि 100 कर्मचारियों की क्षमता वाले दफ्तरों या किसी कंपनी (सरकारी और निजी दोनों) में वैक्सीनेशन कैंप लगाकर लोगों को टीका लगाया जा सकता है। लेकिन अलग-अलग एयरपोर्ट पर ड्यूटी करने की वजह से एक साथ एक जगह जमा होना भी मुश्किल हो रहा है।

बलराज सिंह अहलावत ने कहा AAEU संगठन के कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा है कि मैंने और मेरी पत्नी ने एक साथ कोविड वैक्सीन की पहली डोज ली थी और हमें ऐसा कुछ नहीं हुआ। हम दोनों में कोई साइड इफेक्ट नजर नहीं आया है। मैं सबसे अपील करता हूं कि वे जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाएं।