पाकिस्तान सरकार एकबार फिर आतंकियों पर मेहरबान हो रही है। उसने हाल ही में खूंखार आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के साथ शांति समझौता किया था। अब पाकिस्तानी सरकार आतंकियों को सामान्य जीवन जीने का अवसर देने जा रही है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर अगर आतंकी संविधान को अपनाना चाहते हैं तो सरकार उन्हें एक मौका दे सकती है।

फवाद चौधरी (Fawad Choudhary) ने ये भी कहा कि तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े कुछ आतंकी हिंसा छोड़ना चाहते हैं। सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने एक दिन पहले सांसदों को राष्ट्रीय सुरक्षा हालात के बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि सरकार और प्रतिबंधित संगठन के बीच संघर्षविराम समझौता हुआ है।

पाकिस्तान (Pakistan) और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के शांति समझौते को लेकर कहा गया था कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार में गृहमंत्री और हक्कानी नेटवर्क के सरगना सिराजुद्दीन हक्कानी की बड़ी भूमिका है। तालिबान ने ही पाकिस्तान को टीटीपी के साथ बातचीत का ऑफर दिया था। फवाद चौधरी ने ट्विटर पर भी कहा था कि अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने प्रधानमंत्री इमरान खान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को कायम करने में मदद की है।