त्रिपुरा से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक पिता ने अपनी 8 माह की बच्ची को बेच दिया। घटना तेलियामुरा के महारानीपुर की है,यहां के एक आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले एक व्यक्ति ने मात्र 200 रुपए के लिए अपनी 8 माह की बच्ची को बेच दिया।

आरोपी पिता ने बताया कि उसने गरीबी के चलते ऐसा कठोर कदम उठाया। एक और केन्द्र सरकार बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ पर जोर दे रही हैं, वहीं इस तरह की घटनाएं रोंगटे खड़ी कर देने वाली और बेहद निराशाजनक है। त्रिपुरा में पिछले 25 साल से वामपंथियों की सरकार है। 25 साल के शासन के बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आना सरकार के विकास के दावों पर सवालिया निशान खड़े करती है।

त्रिपुरा में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। आपको बता दें कि इससे पहले भी भारत के अलग अलग हिस्सों में गरीबी का हवाला देते हुए बेटियों को बेचे जाने की खबर आ चुकी है। सितंबर में एक पिता ने मोबाइल के लालच में अपने 11 माह के बच्चे को बेच दिया था। मामला ओडिशा का था।

आरोपी ने 25 हजार रुपए में अपने बच्चे को बेचा था और दो हजार रुपए का मोबाइल खरीदा था। उसने अपनी सात साल की बेटी के लिए 1500 रुपए का चांदी का एंकलेट भी खरीदा था और बाकी के पैसों से वह शराब पी गया था।