FASTag को लेकर सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है जिसके तहत जाम लगा तो टोल अपने आप फ्री हो जाएगा। गौरतलब है कि अब देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर FASTag अनिवार्य हो चुका है। रोजाना 95 करोड़ रुपये का कलेक्शन FASTag के जरिए टोल नाकों पर किया जा रहा है। सरकार डिजिटल टोल कलेक्शन के जरिए टोल प्लाजा पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करना चाहती है, इसमें सरकार को सफलता भी मिल रही है, फिर भी अगर भविष्य में कभी टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हुई तो सरकार ने इसका भी इंतजाम सोच रखा है।

अगली बार जब आप नेशनल हाईवे पर निकलेंगे तो पहले से ही देख सकेंगे कि किस टोल प्लाजा पर कितना ट्रैफिक जाम लगा हुआ है, इस हिसाब से आप अपना रूट और प्लान बदल सकते हैं। इसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने आज एक रियल टाइम ऑनलाइन ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम का ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप पर आपको टोल नाकों पर मिनट दर मिनट का अपडेट मिलता रहेगा।

इसके अलावा सड़क और परिवहन मंत्रालय इस बात पर भी विचार कर रहा है कि किसी टोल प्लाजा की FASTags लेन पर अगर ट्रैफिक एक तय समय से ज्यादा हो जाता है तो उसे फ्री कर दिया जाएगा। इसके लिए तीन कलर कोड सिस्टम होगा, जैसे ग्रीन, येलो और रेड। जैसे ही किसी टोल प्लाजा पर ट्रैफिक रेड लाइन को पार करेगा, टोल प्लाजा को फ्री करके ट्रैफिक खोल दिया जाएगा. हालांकि इसको अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर टेस्ट किया जा रहा है।

लोगों को गाड़ी के पेपर्स दिखाने के लिए ट्रैफिक पुलिस का सामना नहीं करना पड़ेगा, RFID के जरिए आपकी गाड़ी के डॉक्यूमेंट्स स्कैन हो जाएंगे और आपको कहीं रुकने की जरूरत नहीं होगी। इससे पुलिस का भी समय बचेगा और यात्रियों का भी।

सड़क और परिवहन मंत्रालय ने बताया है कि FASTags लेन में अब वेटिंग पीरियड तेजी से घट रहा है, पहले वेटिंग पीरियड 464 सेकेंड था, अब घटकर 150 सेकेंड रह गया है, यानी FASTags जैसे इलेक्ट्रॉनिक टोल पेमेंट सिस्टम से लोगों का काफी वक्त बच रहा है।