जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि चीन की मदद से अनुच्छेद 370 की बहाली हो सकती है। फारूक अब्दुल्ला कहते रहे हैं कि अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को दोबारा लागू करवाने और जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए वो प्रतिबद्ध हैं।

संसद के मानसून सत्र के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त 2019 से पहले की स्थिति बहाल करने की मांग की थी। फारूक अब्दुल्ला का कहना था कि कश्मीर में जो हालात हैं, उस पर बोलेने के लिए हमने संसद भवन में समय मांगा। लेकिन हमको समय नहीं दिया गया है। देश की जनता को पता चले कि वास्तव में लोग कैसे रह रहे हैं और वहां की स्थिति क्या है। क्या वह बाकी मुल्क के साथ आगे बढ़े हैं या पीछे गए हैं।

संसद सत्र के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि कश्मीर में अब भी हालात सुधरे नहीं है। बाकी देश में इंटरनेट 4जी इस्तेमाल कर रहे हैं, 5जी आने वाला है। लेकिन वहां पर अब भी 2जी से लोग काम चला रहे हैं. ऐसे कैसे नौजवान आगे बढ़ेगा। वहां के हालात के बारे में देश को बताना चाहते हैं। दूसरे लोगों को जो सुविधा मिल रही है वह हमारे यहां क्यों नहीं दे रहे. हम कैसे आगे बढ़ेंगे। जमाना बदल गया है।

फारूक अब्दुल्ला का कहना था कि हम आगे गए हैं या पीछे आए हैं। कहते कुछ और हैं करते कुछ और हैं। गरीबी बहुत बढ़ गई है। उनके पास कोई रोजगार नहीं है। उनका कहना था कि उन्हें शक है कि यदि किसी दिन ऐसा तूफान आएगा। उसको रोक नहीं सकेंगे। फारूक अब्दुल्ला ने लोकसभा में कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए। जिस प्रकार चीन के साथ बातचीत की कोशिश की जा रहा है उसी तरह उलझे हुए मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ चर्चा करनी चाहिए।