कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर 110 दिन से अधिक समय से किसानों का प्रदर्शन जारी है, देशभर में आगामी दिनों में होली का त्यौहार मनाया जाएगा, ऐसे में किसानों ने भी ये तय कर लिया है कि वे होली दिल्ली की दहलीज पर ही मनाएंगे। दरअसल संयुक्त किसान मोर्चा ने ये आह्वान किया है कि 28 मार्च को होली दहन के दिन किसान विरोधी कानूनों को जलाया जाएगा।

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानो ने होली दहन की तैयारी पूरी कर ली है, आंदोलन स्थल पर तकरीबन आधा दर्जन वसंत रखे गए हैं, आंदोलन के शुरुआती दिनों में ही राकेश टिकैत साफ कर चुके थे कि किसान होली भी इस बार गाजीपुर बॉर्डर पर ही मनाएंगे। भारतीय किसान यूनियन के उत्तरप्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने बताया, ‘‘इस बार सभी किसान यहीं होली मनाएंगे। आंदोलन अभी जारी है, ऐसे में किसान गांव नहीं जाएंगे। बॉर्डर पर ही इस बार सादगी और शांतिपूर्ण तरह से होली मनाई जाएगी।’’

सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए, क्या होली के दिन किसी तरह कोई हुड़दंग किया जाएगा? इस सवाल के जवाब में जादौन ने कहा, ‘‘ऐसा बिल्कुल नहीं होगा, न कोई उग्र होगा न हुड़दंग होगा।। पूरे शांतिपूर्ण तरह से इसे किया जाएगा।’’ भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया, ‘‘होली एक बड़ा त्यौहार है, किसान घर न जाकर गाजीपुर बॉर्डर पर ही होली मनाएंगे। सत्य को अग्नि भी पराजित नहीं कर सकती, उसी उद्देश्य के साथ इस बार होली मनेगी।’’