कृषि कानून (farmers protest) व अन्य मुद्दों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा (sanyukt kisan morcha) की बैठक के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि केंद्र सरकार की ओर से संयुक्त किसान मोर्चा (sanyukt kisan morcha) की मांगों को लेकर एक ड्राफ्ट कॉपी भेजी गई है, जिसपर बैठक में विचार विमर्श किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक चिट्ठी में स्पष्ठ में किया गया है कि आंदोलन वापस लेने के बाद किसानों के ऊपर मुकदमें वापस लिए जाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक, इस कॉपी में सरकार ने किसानों की 6 सूत्रीय मांगों का जवाब दिया है। जिसको किसान जल्द ही सबके सामने पेश करेंगे। दरअसल सिंघु बॉर्डर (singhu border) पर एसकेएम की बैठक (SKM meeting) में आगे की रणनीति बनाई जा रही है। इसमें मोर्चा के सभी किसान संगठनों के अलावा संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बनाई गई 5 सदस्यीय समिति भी शामिल है।

मोर्चा ने कृषि कानून के वापस लिए जाने के बाद एमएसपी की कानूनी गारंटी (Legal guarantee of MSP), बिजली संशोधन बिल की वापसी, वायु प्रदूषण बिल से किसानों के जुर्माने की धारा को हटाना, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा (Ajay Mishra) टेनी की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी, किसानों पर लगाए गए फर्जी मुकदमों की वापसी और शहीद परिवारों का पुनर्वास के साथ शहीद स्मारक मुद्दे को उठाया था। संयुक्त किसान मोर्चा जल्द ही एक प्रेस वार्ता कर सारे पहलुओं पर स्थिति साफ करेगा वहीं आंदोलन को लेकर भी एक बड़ा निर्णय तय हो सकता है।