उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राजकुमार तोमर सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों के साथ पहुंचे।  उन्होंने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर यमुना एक्सप्रेस-वे टोल प्लाजा के बूथों पर कब्जा कर लिया।  इन्होंने पूरा टोल फ्री करवा दिया।  

टोल प्लाजा पर किसानों के कब्जे की सूचना पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।  मौके पर पहुंचे सीओ धर्मेन्द्र चौहान व एसडीएम मांट रामदत्त राम मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर किसानों को एक स्थान पर बिठाया।  इसके बाद टोल इंचार्ज सैयद रफी रिजवी व एसडीएम और सीओ से किसानों द्वारा वार्ता की गई। 

किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों पर जबरदस्ती काले कानूनों को थोप दिया है।  जब तक केंद्र सरकार इन कानूनों को वापस नहीं लेगी, तब तक किसान विरोध करते रहेंगे।  इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे के किसानों की मांग है कि यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा अभी तक किसानों को नहीं मिला है, जबकि इस मामले में हाईकोर्ट भी जेपी ग्रुप को आदेश दे चुका है।  आदेश के मुताबिक किसानों को 64.7 अतिरिक्त मिलना था, लेकिन मुआवजा आज तक नहीं दिया गया है। 

प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि सरकार सिर्फ वादे करती है।  एक्सप्रेस-वे निर्माण के समय सर्विस रोड बनाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन आज तक सर्विस रोड नहीं बनी है।  इसकी वजह से स्थानीय किसानों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।  सर्विस रोड पर बनी नालियों में जलभराव होता है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान होता है।  इसकी जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।  किसानों ने मांग की है कि बलदेव क्षेत्र में कट बनाया जाए।  किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे टोल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।