भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Farmer leader Rakesh Tikait) ने कहा कि सरकार मीडिया से झूठ बोल रही है कि वह कृषि कानूनों (Agricultural laws) के खिलाफ जारी किसान आंदोलन के मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है।  

राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा 'सरकार मीडिया से झूठ बोलती है कि वह बातचीत के लिए तैयार है मगर किसान नहीं हैं। वे सशर्त संवाद करना चाहते हैं, जिसमें किसान भाग नहीं लेंगे।  उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों (Agricultural laws) को वापस नहीं लिया जाएगा।  यह इसका मतलब है कि उन्होंने पहले ही समझौते का मसौदा तैयार कर लिया है और किसानों को बस इस पर हस्ताक्षर करना है। 

मीडिया के खिलाफ अपने बयान के बारे में पूछे जाने पर राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा, 'मैंने कल जो कुछ कहा था, उसका गलत अर्थ निकाला गया।  मेरा वास्तव में मतलब था कि केंद्र का अगला लक्ष्य मीडिया घराना है।  हमने मीडिया के खिलाफ कभी कुछ नहीं कहा। ' राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा था कि मीडिया हाउस अगला निशाना होंगे और अगर वे किसानों के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन नहीं करते हैं तो उन्हें नुकसान होगा। 

टिकैत (Rakesh Tikait) ने रायपुर पहुंचने के बाद मीडियाकर्मियों से कहा, 'सभी को हमारे साथ आना चाहिए।  अगला निशाना मीडिया हाउस होंगे। अगर आप बचना चाहते हैं तो हमसे जुड़ें, नहीं तो आपको भी नुकसान होगा।  हम (किसानों) छत्तीसगढ़ के मुद्दों को उठाएंगे।  देश में सबसे बड़ी समस्या एमएसपी की है।  हम इस मुद्दे को उठाएंगे।  हम इस बारे में बात करेंगे कि राज्य के सब्जी किसानों को कैसे अधिक लाभान्वित किया जा सकता है और उनके लिए क्या नीतियां बनाने की आवश्यकता है।