किसानों की हालात कोरोना के कारण बहुत ही बेकार हो गई है। इनकी हालातों को सुधारने के लिए सरकार कई तरह के योजनाएं बना रहे हैं। इसी कड़ी में अखिल भारतीय किशन सभा (AIKS) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि समिति द्वारा सिफारिशों को लागू किया जाए और कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमएएस स्वामीनाथन की अगुवाई में कृषि बिलों को रद्द किया जाए। किसानों के हित के लिए सरकार बिल भी पास करवाएं है।


जानकारी के लिए बता दें कि देश भर के किसान संसद द्वारा पारित मूल्य आश्वासन और फार्म सेवा विधेयक, 2020 पर किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2020 और किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौते का विरोध जारी रखते हैं। अखिल भारतीय किशन सभा ने लखीमपुर जिले के डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से उत्तर लखीमपुर से प्रधानमंत्री मोदी को भेजे गए एक ज्ञापन में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।


अखिल भारतीय किशन सभा के जिला अध्यक्ष गिरींद्र प्रसाद उपाध्याय ने ज्ञापन दिया कि पुलिस की मांग प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ अत्याचार बंद हो गए है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसान 27 नवंबर से दिल्ली में कृषि बिलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के निकाय ने कहा कि खेत के बिल के विरोध में 250 किसान संगठनों ने दिल्ली की ओर मार्च किया और दिल्ली के बाहरी इलाकों में सड़कों पर खाइयाँ खोदकर, रास्ते में धरती को ढेर कर दिया और उन पर पानी के छींटे मारकर पुलिस द्वारा उन्हें अमानवीय रूप से बाधित किया गया है।