प्रसिद्ध उड़िया अभिनेता , पटकथा लेखक एवं कवि अटल बिहारी पंडा का शनिवार को यहां निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। पंडा सेप्टीसीमिया से पीड़ति थे और यहां वीर सुरेद्र साई आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान में भर्ती थे , जहां आज सुबह करीब 03.45 बजे उन्होंने अंतिम सांसे ली। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पांडा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। 

ओडिशा ही नहीं , बल्कि पूरे देश में लोकप्रिय पंडा ने 100 से अधिक नाटकों में अभिनय किया और 65 नाटकों की पटकथा लिखी। अस्सी साल की उम्र में उन्होंने 'साला बुढ्ढा' में मुख्य भूमिका निभाई जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का प्रांतीय फिल्म पुरस्कार मिला। 'आदिम विचार' में अपनी भूमिका के लिए वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से भी नवाजे गये थे। 

पटनायक ने पंडा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा , 'अभिनेता और नाटककार अटल बिहारी पांडा के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। सालबुद्ध और आदिम विचार में अपनी भूमिका के लिए वह हमेशा याद किये जायेंगे। उनका निधन उड़िया कला की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है।' उन्होंने दिवंगत अभिनेता के शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधान ने कहा , 'प्रख्यात कलाकार अटल बिहारी पांडा के निधन के बारे में जानकर मैं दुखी और स्तब्ध हूं। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना।'