मध्य प्रदेश के रीवा से आत्म हत्या करने के लिए प्रयागराज के नैनी स्थित नए ब्रिज पर एक परिवार पहुंच गया और देखते-देखते 5 सदस्यों ने पुल से नीचे यमुना नदी में छलांग लगा दी। 

 घटना के बाद पूरे पुल पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। जब तक लोग कुछ कर पाते, तब तक परिवार नदी में डूबने लगा, लेकिन गनीमत ये रही की पुल के नीचे कई नाविक मौजूद थे, जिन्होंने डूबते परिवार को बचा लिया।  

इस बात की सूचना आनन-फानन में पुलिस को दी गई।  पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिवार को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया।  पुलिस ने जब परिवार के होश आने पर पूछताछ की तो घरेलू झगड़े की बात सामने आई है। 

जानकारी के मुताबिक, रीवा के रहने वाला एक परिवार 120 किलोमीटर की दूरी तय कर प्रयागराज नैनी नए ब्रिज से सुसाइड करने पहुंचा था।  मध्य प्रदेश रीवा के रहने वाली रोहिणी तिवारी अपने 24 साल की बेटी रुपाली, मनाली (22), श्रेया (18) और बेटा अंश (15) के साथ नैनी नए ब्रिज से आत्महत्या के मकसद से छलांग लगा दी।  हालांकि, पुल के नीचे मौजूद नाविकों ने सकुशल पूरे परिवार को बचा लिया, लेकिन इस दौरान मां रोहिणी और बेटी को गंभीर चोटें आई हैं।  घरेलू कलह से अजीज आकर पूरा परिवार एक साथ प्रयागराज आत्महत्या करने पहुंचा था। 

घर के मुखिया से तंग था परिवार

प्रयागराज कीडगंज पुलिस ने परिवार के होश आने पर मां रोहिणी और बेटियां रुपाली, मानली से आत्महत्या की वजह पूछी तो तीनों ने एक ही जवाब दिया।  पिता राधाकृष्ण तिवारी पर बच्चों पर ध्यान न देने और दुश्मनों की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया।  साथ ही परिवार के लोगों ने यह भी बताया पिता अपने बड़े भाइयों के परिवार पर पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन अपने परिवार पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते थे।  आलम यह था कि हम सब भुखमरी के कगार पर आ गए थे।  इन्हीं सब बातों से परेशान होकर आत्महत्या का हम लोगों ने फैसला किया।  फिलहाल प्रयागराज पुलिस ने इस बात की सूचना पीडि़त परिवार के लोगों को दे दी है।