कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग एप्स से जरा सावधान होने की जरूरत है क्योंकि हैकर यूजर्स के कॉल रिकॉर्ड कर रहे हैं। इसी के तहत अब स्मार्टफोन यूजर्स के लिए नया खतरा सामने आ गया है। इस बार हैकर कोरोना संक्रमण को ट्रैक करने के लिए डिवेलप किए गए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ऐप्स के फर्जी वर्जन से यूजर्स को अटैक कर रहे हैं। ऐनोमली थ्रेट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक इससे भारत समेत दुनिया के 10 और देशों के यूजर्स के डेटा के ऊपर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये नए मैलवेयर (वायरस) फोन को पूरी तरह ऐक्सेस करते हैं और फोन कॉल्स को भी रिकॉर्ड कर लेते हैं।
हाल में खबर आई थी की हैकर्स ने सरकारी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग एप आरोग्य सेतु का भी फेक वर्जन तैयार कर लिया है। इसके साथ ही एक फर्जी ऐप छत्तीसगढ़ के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग एप की नकल कर रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें ऐसे एक से ज्यादा ऐप हैं जो असली एप के नाम पर यूजर्स के साथ जालसाजी करने की कोशिश में लगे हैं।
एंड्रॉयड हेडलाइन्स की रिपोर्ट के अनुसार जो 12 फर्जी ऐप्स यूजर्स के डिवाइस को नुकसान पहुंचा रहे हैं उनमें आधे से ज्यादा Trojan हैं। डिवाइस को इंफेक्ट करने वाले दूसरे वायरस एक ऐडवेयर है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिन नए खतरे की पहचान की गई है उनमें चार ऐसे हैं जिन्हें Anubis या Spynote पर develop किया गया है। इसका सबसे ज्यादा खतरा भारत, ब्राजील, रूस और इंडोनिशिया के यूजर्स पर है।
स्पाईनोट वायरस डिवाइस से एसएमएस, लोकेशन डेटा और कॉन्टैक्ट्स की चोरी करते हैं। वहीं, ऐनुबिस सिस्टम इन्फर्मेशन को पूरी तरह ऐक्सेस कर लेता है। चिंता की बात यह है कि ये मैलवेयर यूजर्स के फोन कॉल्स को भी रिकॉर्ड कर सकते हैं। इतना ही नहीं, अगर किसी यूजर के फोन में स्पाईनोट की एंट्री हो गई है तो वह यूजर के नंबर से फोन कॉल करने के साथ ही कॉन्टैक्ट्स को एडिट और उन्हें मेसेज भी भेज सकता है। ऐनुबिस मैलवेयर को ब्राजील और रूस में स्पॉट किया गया था। वहीं, स्पाईनोट इंडोनेशिया और भारत के यूजर्स को अपना शिकार बना रहा है। भारत में हैकर आरोग्य सेतु एप का फेक वर्जन बनाकर यूजर्स को अपने जाल में फंसा रहे हैं।