अगर आप Apple iPhone यूज करते हैं तो जरा सावधान हो जाने की जरूरत है। क्योंकि Facebook की नजर आपके डेटा पर है। खबर है कि Facebook आईफोन यूजर्स की जासूसी कर रहा है। बताया गया है कि फेसबुक आईफोन यूजर्स की हर एक चीज पर नजर रखता है। अब यह खबर में कितनी सच्च और कितनी अफवाह है आइए जानते हैं—

एक्सेलेरोमीटर आपकी गतिविधियों के आधार पर आपके लोकेशन डेटा (Location Data) को रिकॉर्ड करता है और इस तरह फेसबुक ट्रैक कर सकता है कि आप दिन के एक निश्चित समय में कहां हैं और कब हैं? इस तरह से फेसबुक आपके व्यवहार और आदतों का पता लगा सकता है।

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लोकेशन डेटा की सहायता से Facebook कथित तौर पर आपको अपने आस-पास के लोगों से भी कनेक्ट कर सकता है। उनमें अजनबी भी हो सकते हैं। इतना ही नहीं, एक्सेलेरोमीटर डेटा कथित तौर पर फेसबुक को यह जानने में भी मदद कर सकता है कि क्या आप किसी ऐप का उपयोग करते हुए लेट रहे हैं, बैठे हैं या फिर चल-घूम रहे हैं।

साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर तलाल हज बेकरी और टॉमी माईस्क ने फोर्ब्स को दिए एक बयान में ये चेतावनी दी है कि "फेसबुक हर समय एक्सेलेरोमीटर डेटा पढ़ता रहता है। यदि आप फेसबुक को अपनी लोकशन तक पहुंचने की अनुमति नहीं देते हैं, तब भी ऐप कभी भी आपकी सटीक लोकेशन का अनुमान लगा सकता है, जो आपको उसी वाइव्रेशन पैटर्न से मेल खाने वाले उपयोगकर्ताओं के साथ समूहित कर सकता है, जो आपका फ़ोन एक्सेलेरोमीटर रिकॉर्ड करता है।

बताया गया है कि यह समस्या फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप को प्रभावित करती है, हालांकि, व्हाट्सएप के साथ, इस सुविधा को डिसेबल करना संभव है। टॉमी माइस्क ने रिपोर्ट में यह भी जोड़ा कि उन्होंने टिकटॉक, वीचैट, आईमैसेज, टेलीग्राम और सिग्नल का भी टेस्ट किया और इसमें ये पाया कि वे उपयोगकर्ता की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए एक्सेलेरोमीटर का उपयोग नहीं करते हैं।

माना जाता है कि अभी एक्सेलेरोमीटर ट्रैकिंग को बंद करने का कोई तरीका नहीं है। लेकिन एक तरीका ये जरूर हो सकता है कि आप ऐप को डिलीट करके फेसबुक की जासूसी को फिलहाल के लिए रोक सकते हैं।