अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के पश्चिमी इलाके में स्थित लड़कियों के एक स्कूल के नजदीक हुए बम विस्फोट में 40 लोग मारे गए हैं। मारे गए लोगों में ज्यादातर 11 से 15 साल के बच्चे हैं, जिनमें ग‌र्ल्स स्कूल की छात्राएं भी हो सकती हैं। तालिबान ने इस हमले की निंदा की है और उसमें अपना किसी तरह का हाथ होने से इन्कार किया है।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक आरियन के अनुसार घटना की जांच शुरू हो गई है। मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है। जिस इलाके में यह विस्फोट हुआ है उसमें इलाके में बड़ी संख्या में शिया मुसलमान रहते हैं। इस लिहाज से शक आतंकी संगठन आइएस पर भी जा रहा है।

अफगानिस्तान में पैर जमाने के लिए आइएस ने हाल के वर्षो में इस तरह की कई सनसनीखेज वारदात की हैं। जिस स्कूल के नजदीक विस्फोट हुआ है उसका नाम सैयद अल-शाहदा स्कूल है। इस स्कूल की इमारत को भी विस्फोट से नुकसान हुआ है।

नजदीक रहने वाले नासर रहीमी के अनुसार एक के बाद एक तीन विस्फोटों की आवाज सुनी गई और उसके बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। धूल का गुबार छंटने पर जब लोग मौके पर पहुंचे तो वहां लाशें और अंग बिखरे पड़े थे। जहां-तहां पड़े घायल मदद के लिए चिल्ला रहे थे। इसके बाद उपलब्ध साधनों और एंबुलेंस से घायलों को नजदीक के अस्पतालों में ले जाया गया।

हाल ही में अफगानिस्तान के सुन्नी मुस्लिमों के एक कट्टरपंथी समूह ने देश में शिया मुस्लिमों के खिलाफ युद्ध छेड़ने का ऐलान किया था। शक उस पर भी किया जा रहा है। लेकिन अमेरिका इस तरह के हमले के लिए पूर्व में आइएस की ओर अंगुली उठा चुका है।