बुधवार को क्रिप्टोकरेंसी ( Cryptocurrency bitcoin) की लोकप्रिय करेंसी बिटकॉइन की कीमत 66 हजार डॉलर (Price of bitcoin) के पार पहुंच गई. पहली बार इस लेवल पर बिटकॉइन की कीमत पहुंची. बता दें कि Bitcoin की कीमतों में यह  तेजी अमेरिका में पहला Bitcoin फ्यूचर्स-बेस्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड शुरू होने के बाद आई थी. हालांकि, आज Bitcoin का रेट 4% घटकर 62,740 डॉलर पर कारोबार कर रहा है.

इस एसेट ने लगभग हर दूसरे को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन सवाल यह है कि यह तेजी कब तक जारी रहेगी. क्या यह $100,000, $200,000 या $500,000 के आंकड़ों को पार कर सकता है? यदि हां, तो कब तक ? या यह संभव है कि बिटकॉइन, अन्य एसेट्स की एक बुलबुला जो समय के साथ समाप्त हो जाएगा और फिर शून्य हो जाएगा?

बिटकॉइन की कीमतों में तेजी से इसका मार्केट कैप 2.5 लाख करोड़ डॉलर के पार पहुंच गया. ज्यादातर विश्लेषक निवेशकों को क्रिप्टो को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने की सलाह दे रहे हैं और इसे भी एक एसेट क्लास के रूप में बता रहे हैं. भारत में क्रिप्टो का बाजार (Crypto market in India)  2030 तक 241 मिलियन डॉलर होने की उम्मीद है. दुनिया भर में 2.3 अरब डॉलर का बाजार 2026 तक हो सकता है. बता दें कि क्रिप्टो की तमाम करेंसीज में बिटकॉइन (Bitcoin is the most popular of all crypto currencies)  सबसे लोकप्रिय है.

लंबी अवधि में बिटकॉइन ऊपर जाएगा या नीचे, यह देखा जाना बाकी है, लेकिन एक बात निश्चित है कि यह अस्थिर परिसंपत्ति क्लास है. यह अस्थिरता बिटकॉइन को बहुत अधिक गति प्रदान करती है, चाहे वह ऊपर की ओर हो या नीचे की ओर. मई में, बिटकॉइन पहली बार $ 64,000 तक बढ़ गया. बाद में एलन मस्क की एक ट्वीट के बाद यह कुछ ही महीनों में $28,000 पर आ गया. जैसे ही, यह दुनिया के पहले बिटकॉइन फ्यूचर्स ईटीएफ के लॉन्च सहित कई सकारात्मक के साथ फिर से $ 64,000 से अधिक हो गया है.