अक्सर यही कहा जाता है कि किसी भी तरह के वर्क आउट से बहुत पहले खाना छोड़ देना चाहिए। आमतौर पर सुबह का वर्कआउट एक घंटे से ज्यादा का नहीं होता। इसके लिए शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है। यह ऊर्जा शरीर में ग्लाइकोजेन से आती है। यह ग्लाइकोजेन ग्लूकोज से आता है जो शरीर के मांसपेशियां और लीवर में जमा रहता है। जब कोई वर्क आउट करता है तो शरीर इस ऊर्जा का इस्तेमाल करता है यानी शरीर में मौजूद पहले से संचित ऊर्जा वर्कआउट के लिए जरूरी है।

सुबह के वर्कआउट का आकलन
Northumbria University के शोधकर्ताओं ने इस संबंध में एक रिसर्च की। उन्होंने यह पता लगाया कि रात में खाली पेट रहने वाले यदि दिन में वर्क आउट करते हैं तो दिन में वह ज्यादा खाने के लिए प्रेरित होते हैं या नहीं। इसके अलावा रिसर्च में इस बात की भी पड़ताल की गई कि ऐसा करने से कुल फैट कितना कम हुआ। इसके लिए 12 लोगों को रिसर्च में शामिल किया गया। इनमें से सभी को 10 बजे दिन में ट्रेडमिल पर दोड़ने के लिए कहा गया। इनमें से आधे लोगों को वर्क आउट से पहले ब्रेकफास्ट दिया गया जबकि आधे से बिना ब्रेकफास्ट वर्क आउट करवाया गया। एक्सरसाइज के बाद सभी को चॉकलेट, मिल्क शेक और रिकवरी ड्रिंक दी गई। इसके बाद जितना खा सके, उतना भोजन कराया गया। कितना फैट लिया, कितनी ऊर्जी ली और किस समय लंच किया, रिसर्च में इसका आकलन किया गया।

रिसर्च के नतीजों से पता चला कि सभी लोग एक्सरसाइज को सही तरीके से किया। एक्सरसाइज के लिए इन्होंने पहले से शरीर में जमा ऊर्जा का इस्तेमाल किया ना कि तुरंत जो खाना खाया था, उससे लिया। रिसर्च में यह भी पाया गया कि जिन्होंने सुबह में एक्सरसाइज किया, उनमें कोई अतिरिक्त ऊर्जा की खपत नहीं हुई, ना ही उनमें ज्यादा भूख लगी। रिसर्च के जो सबसे महत्वपूर्ण नतीजे थे, वह यह कि जिसने एक्सरसाइज से पहले फास्ट किया, उनमें 20 प्रतिशत ज्यादा फैट बर्न हुआ। इसका मतलब यह हुआ कि खाली पेट एक्सरसाइज करना ज्यादा फायदेमंद है और इससे ज्यादा फैट को घटाया जा सकता है।