सदन के प्रश्नकाल में शिनाख्त विदेशियों के मुद्दे को लेकर विदेशी न्यायाधिकरण के द्वारा विपक्षी कांग्रेस के प्रस्ताव पर सरकार ने चर्चा करने के लिए राजी हो गई है। इस चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष हितेंद्रनाथ गोस्वामी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है ताकि असली भारतीय नागरिकों के साथ कोई ज्यादाती ना हो।

आपको जानकारी दे दे कि विधानसभा के प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक नुरुल हुदा के पुरक सवालों के जवाब में गृह विभाग का जिम्मा संभाल रहे मुख्यमंत्री की ओर से संसदीय कार्यमंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने बताया कि सोनोवाल सरकार ने पहली बार सीमा पुलिस में शिकायत प्रकोष्ठ का गठन किया है।

कांग्रेस विधायक कमलाक्ष्य दे पुरकायस्थ ने पूछा कि विदेशी न्यायाधिकरण (एफटी) द्वारा भारतीय घोषित व्यक्ति के तथ्यों को भी दोबारा जांच के लिए राज्यस्तरीय स्क्रीनिंग समिति अथवा लीगल सेल के पास भेजा जाता है लेकिन विदेशी घोषित व्यक्ति से संबंधित तथ्यों को क्यों  दोबारा जांच के लिए भेजा नहीं जाता है ?

कांग्रेस विधायक ने इस मुद्देे पर सदन में विस्तार से चर्चा करने की जरूरत पर बल दिया, जिसका सत्ता पक्ष के विधायक डॉ. नोमल मोमिन ने भी समर्थन किया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने सदन को बताया कि विदेशी घोषित व्यक्ति को तड़ीपार करने की पहल होती है।

यह नियम पुराने समय से ही लागू है। मंत्री  पटवारी ने ये भी कहा कि विदेशी के शिनाख्त की प्रक्रिया दस्तावेजों के आधार पर ही होती रही है।इससे पहले सदन में पेश लिखित जवाब में सरकार ने बताया कि विदेशी न्यायाधिकरण ने सन 2018 के 31 अगस्त तक  1,03,764 लोगों को विदेशी घोषित किया है।

जबकि न्यायालय द्वारा घोषित विदेशियों का आंकड़ा फिलहाल जुटाया जा रहा है। विदेशी घोषित लोगों में से 32,860 को  1966-1971 के दौरान आए विदेशी के रूप में पहचान की गई है। इनमें से 14,652 लोगों ने एफआरआरओ कार्यालय में नाम पंजीकृत किया है।