तमिलनाडु की तूतीकोरिन ग्रामीण पुलिस ने 38 वर्षीय ज्ञानराज जेबासिंह (Gyanraj Jebasingh) और उसके छह साथियों को गिरफ्तार किया है। उसपर तूतीकोरिन बंदरगाह (Tuticorin Port) से टोक्यो में निर्यात के लिए 16.5 टन काजू ले जा रहे एक ट्रक को हाईजैक (truck hijack) करने का आरोप है। ज्ञानराज जेबासिंह के पिता एस.टी. चेलापांडियन (ST Chelapandian), जयललिता कैबिनेट में पूर्व श्रम मंत्री (2011-2016) थे।

पुलिस ने कहा कि कन्याकुमारी जिले के किल्लियूर में कारखाने से 16.5 टन काजू का 1.2 करोड़ रुपये का एक ट्रक ले जाया जा रहा था और टोक्यो जाने के लिए तूतीकोरिन बंदरगाह (Tuticorin Port) की ओर जा रहा था। पुलिस के अनुसार, गिरोह कन्याकुमारी से निकलने के बाद से ट्रक का पीछा कर रहा था, और जब यह देवसेयालपुरम पहुंचा, तो गिरोह ने वाहन को रोक लिया और चाकू की नोक पर चालक हरि का अपहरण कर लिया। बाद में गिरोह काजू से भरे ट्रक को भगा ले गया।

वाहन के मालिक को पता चला कि उसकी खेप को हाईजैक कर लिया गया है, उसने पुदुकोट्टई पुलिस स्टेशन (Pudukottai Police Station) में शिकायत दर्ज कराई। एएसपी चंडीश के नेतृत्व में तूतीकोरिन पुलिस ने वाहन का पीछा किया। ट्रक की नेमप्लेट बदल दी गई थी और पुलिस ने पाया कि नारंगी रंग का एक एमयूवी वासवपुरम चेक पोस्ट से निकलने के बाद से ट्रक का पीछा कर रहा था। पुलिस टीम ने एमयूवी के नंबर की पहचान की और उसके मालिक का नंबर ढूंढा। मालिक के मोबाइल फोन को ट्रैक किया और शनिवार सुबह एक भोजनालय में नमक्कल में जेबासिंह को पकड़ लिया। एएसपी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जेबासिंह ने दावा किया कि वे निर्दोष है, लेकिन बाद में उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। ट्रक 25 किमी दूर एक सुनसान जगह पर मिला।