नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च तक वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं कराने वाले पूर्व सैनिकों को ही अप्रैल की पेंशन नहीं मिली है और इन्हें इसके लिए एक और मौका दिया जा रहा है जिसमें वे 25 मई तक प्रमाण पत्र जमा करा सकते हैं। मंत्रालय ने बुधवार को वक्तव्य जारी कर कहा है कि मीडिया में खबर आई है कि कुछ पूर्व सैनिकों को अप्रैल की पेंशन नहीं मिली है। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मंत्रालय ने कहा है कि केवल 58275 पूर्व सैनिकों को ही अप्रैल की पेंशन नहीं मिली है क्योंकि उन्होंने अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं कराया है। 

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वक्तव्य में कहा गया है कि पेंशन से संबंधित पोर्टल स्र्पश के माध्यम से पांच लाख से भी अधिक पेंशनभोगियों को सफलतापूर्वक पेंशन दी जा रही है। सभी पूर्व सैनिकों के लिए हर वर्ष 30 नवम्बर तक अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कराना अनिवार्य होता है। पिछले वर्ष कोरोना महामारी को देखते हुए जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की तिथि 31 मार्च 2022 तक बढा दी गयी थी। यह प्रमाण पत्र स्पर्श के माध्यम से भी जमा कराया जा सकता है। 

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मंत्रालय ने कहा है कि अप्रैल की पेंशन का भुगतान करने के समय पता चला कि करीब 3 लाख 30 हजार पूर्व सैनिकों ने अपने जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं कराये हैं। जब इसकी जानकारी पेंशन वितरित करने वाले बैंकों से मांगी गयी तो पता चला कि 2 लाख 65 हजार पूर्व सैनिकों ने अपने प्रमाण पत्र इस दौरान जमा करा दिये हैं। इसके आधार पर जब सूची को अपडेट किया गया तो उन्हें पेंशन का भुगतान कर दिया गया लेकिन अभी भी 58 हजार 285 पूर्व सैनिकों ने अपने प्रमाण पत्र नहीं दिये हैं। इनके लिए अब एक विशेष मौका दिया जा रहा है जिसके तहत ये आगामी 25 मई तक अपने प्रमाण पत्र स्पर्श पोर्टल या अन्य माध्यम से जमा करा सकते हैं। मंत्रालय ने कहा है कि इन पूर्व सैनिकों एसएमएस और ई मेल से इस बारे में जानकारी दी जा रही है। पूर्व सैनिक निकट के सीएससी सेंटर पर जाकर या स्पर्श पोर्टल पर अपने प्रमाण जमा कर सकते हैं।