भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पृथ्वी की निगरानी करने वाले उपग्रह ईओएस-03 का प्रक्षेपण गुरुवार को क्रायोजेनिक इंजन में तकनीकी खराबी के कारण पूरा नहीं हो सका। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरने के पांच मिनट बाद ऊपरी क्रायोजेनिक इंजन प्रज्वलित नहीं हो सका जिसके कारण मिशन विफल हो गया। 

इसरो सूत्रों ने बताया कि 26 घंटे की उलटी गिनती के बाद 57.10 मीटर लंबे और 416 टन वजनी जीएसएलवी-एफ10 रॉकेट ने श्रीहरिकोटा रेंज के दूसरे लॉन्च पैड से निर्धारित समय 05:43 बजे 2,268 किलोग्राम के ईओएस-03 उपग्रह के साथ उड़ान भरी। तीन चरणों वाले रॉकेट के पहले और दूसरे चरण का प्रदर्शन सही रहा लेकिन तीसरा चरण - क्रायोजेनिक ऊपरी चरण - तकनीकी खराबी के कारण प्रज्वलित नहीं हुआ जिससे उपग्रह को इच्छित भूस्थिर कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका। 

क्रायो चरण का प्रज्वलन उड़ान भरने के लगभग पांच मिनट बाद हो जाना चाहिए था। इसरो के अध्यक्ष के. शिवन ने वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि क्रायोजेनिक चरण में तकनीकी विसंगति देखी गयी जिसके कारण मिशन पूरा नहीं हो सका। इसरो ने एक अपडेट में कहा, ''जीएसएलवी-एफ10 का प्रक्षेपण निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 0543 बजे हुआ। पहले और दूसरे चरण का प्रदर्शन सामान्य रहा लेकिन लेकिन तीसरा चरण - क्रायोजेनिक ऊपरी चरण - तकनीकी खराबी के कारण प्रज्वलित नहीं हुआ जिससे मिशन को पूरा नहीं किया जा सका।