अरब सागर से उठा चक्रवात टाउ ते ने बहुत कहर बरपाया है। इसके कारण जान माल की बहुत हानि हुई है। टाउ ते तूफान के कारण हुए नुकसान में समुद्र में काम कर रहा बार्ज पी305 भी इसकी चपेट में आकर डूब गया था। बार्ज जहाज में 261 लोग सवार थे जिसमें से कई की मौत हो गई। इनके कुछ शवों को तो निकाल लिया गया है और अधिकांश को बचा लिया गया है।


बार्ड शिप में जब डूबा तो कईयों अपनी जान बचाने की बहुत कोशिश की, कुछ सफल हुए और कुछ असफल हुए। जिनमें से महाराष्ट्रन के रहने वाले मैकेनिकल इंजीनियर अनिल वायचाल भी शामिल है। यह बार्ज पी 305 में सवार थे। जब बार्ज डूब रहा था तो उन्होंिने जान बचाने के लिए अपने साथियों के साथ समुद्र में छलांग लगा दी और उन्‍हें 9 घंटे बाद भारतीय नौसेना ने बचा लिया।


9 घंटे के संघर्ष में वह जीवन और मौत के बीच थे। 40 साल के अनिल वायचाल एफकॉन्सव कंपनी में काम करते हैं। ये कंपनी ONGC के लिए कॉन्ट्रैबक्ट  पर समुद्र में काम करती है। अनिल ने बताया कि 'मेरे अंदर यह भावना थी कि मैं जीवित रह सकता हूं। मैंने अपने साथियों को भी इसके लिए प्रेरित किया। मैंने उनसे कहा कि हमें जिंदा रहना होगा और अपने परिवार के पास वापस जाना होगा '। उनकी आत्मविश्वास काम आया और वो जिंदा है।