केंद्र सरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) (ED) के प्रमुखों के कार्यकाल को पांच साल तक बढ़ाने के लिए अध्यादेश लेकर आई है। इस समय दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियों (central investigative agencies) के निदेशकों का कार्यकाल दो वर्ष का है और अब अध्यादेशों के अनुसार, उन्हें अधिकतम तीन वर्ष का विस्तार मिल सकता है।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) ने अध्यादेशों को मंजूरी दे दी है, क्योंकि संसद सत्र का सत्र अभी नहीं चल रहा है। वह इस तथ्य से संतुष्ट हैं कि ऐसी परिस्थितियां मौजूद हैं, जिनमें तत्काल कार्रवाई बहुत जरूरी है। सीवीसी (संशोधन) अध्यादेश और दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (संशोधन) अधिनियम अध्यादेश संसद के आने वाले शीतकालीन सत्र से पहले सीबीआई और ईडी के निदेशकों के कार्यकाल के विस्तार की अनुमति देने के लिए जारी किए गए हैं।

केंद्रीय सतर्कता आयोग (central vigilance commission) (संशोधन) अध्यादेश, 2021 में कहा गया है, ‘‘जिस अवधि के लिए प्रवर्तन निदेशक सार्वजनिक हित में अपनी प्रारंभिक नियुक्ति पर पद धारण करता है, खंड (ए) के तहत समिति की सिफारिश पर और लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों के आधार पर कार्यकाल एक नियत समय के लिए बढ़ाया जा सकता है, बशर्ते कि प्रारंभिक नियुक्ति में उल्लिखित अवधि सहित कुल मिलाकर पांच साल की अवधि पूरी होने के बाद ऐसा कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा। दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (संशोधन) अध्यादेश, 2021 में सीबीआई निदेशक के संबंध में समान प्रावधान हैं और यह तुरंत लागू होता है।