उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में दशहरा मेला (Dussehra fair in Azamgarh) के दौरान एक हाथी बेकाबू हो गया। इसके बाद उसने जमकर तांडव मचाया।  फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर बाजार का ये मामला है।  यहां मेले में हाथी को लाया गया था। 

अचानक वह बेकाबू हो गया। वह महावत के नियंत्रण से बाहर हो गया और मेले में मौजूद दर्जनों वाहनों और कई पंडाल को क्षतिग्रस्त कर दिया।  इस घटना का वीडियो वायरल हो गया है।  मेले में मौजूद लोगों ने गुस्साए हाथी से बचते हुए किसी तरह से भागकर अपनी जान बचाई। 

दरअसल विजयदशमी पर्व पर वर्षों से हाथी (C ) मंगाने की परंपरा रही है।  हाथी की मौजूदगी रावण, कुम्भकरण आदि की सेना के साथ रहती थी।  रावण (Ravana) , कुम्भकरण (Kumbhakaran) जब युद्ध के लिए राक्षसी सेना के साथ निकलते थे तो हाथी आगे चलती थी। इस बार तैयारियों के तहत दो हाथी मंगाए गए थे। दशहरा कमेटी (Dussehra committee) द्वारा एक हाथी महाराज गंज, दूसरा आजमगढ़ से लाया गया था। दोनों ही हाथी सुबह आठ बजे ही पहुंच गए। 

जगदीशपुर गांव स्थित बाबा भगवती दास कुटी जाने के दौरान कुंवर नदी के पास जगदीशपुर गांव के करीब ही सवारी जीप के चालक ने 10 रुपये की नोट निकाल हाथी को न पकड़ा कर महावत को दे दिया और आगे बढ़ गया।  इतने में हाथी आक्रोशित  (Elephant got angry) हो गया तो सड़क किनारे खड़ी मैजिक को खींचकर तहस-नहस कर दिया।  टेम्पो को पलट दिया और पैर से कुचल दिया। 

इस दौरान दो मोटर साइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।  बाजार में आक्रोशित हाथी को देखकर भगदड़ मच गई।  महावत हाथी को वश में करने का प्रयास करने लगा तो लगभग बीस मिनट बाद हाथी काबू में आया।  फिर महावत हाथी लेकर आगे बढ़ गया, जिसके बाद हाथी बाबा भगवती दास कुटी जगदीशपुर में पहुंच चुका है। 

वहीं दशहरा कमेटी ने हाथी को मेला में ना घुमाने का निर्णय लिया है।  साथ ही वन विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।  हाथी के आक्रोश से आधा घण्टा तक आवागमन बंद रहा।  इस दौरान बड़े वाहन खड़े हो गए। बाद में हाथी के आगे बढ़ने पर गाड़ियों का आवागमन शुरू हो सका।