ट्रेन नंबर 75930 के चालक की सूझबूझ और सजगता से एक हाथी की जान बच गई। शिलघाट से गुवाहाटी तक चलने वाले वाली इस ट्रेन के सामने 23 मार्च को एक हाथी आ गया था।

एनएफ रेलवे के द्वारा जारी एक प्रेस नोट ने बताया गया कि सदस्यों में कनक चंद्र नाथ(लोको पायलट), रवि रंजन कुमार और अरुण राभा(सहायक लोको पायलट) के साथ गार्ड थे।


ट्रेन सिलखट से अपने निर्धारित प्रस्थान समय के अनुसार सुबह 6:00 बजे खुली और लगभग 6:15 बजे झाकला बांदा रेलवे स्टेशन में प्रवेश करती, कि अचानक चालक की नजर लगभग 65 मीटर दूर हाथी पर पड़ी। जो पटरियों को पार करने वाला था।


इसके बाद लोको पायलट ने ट्रेन को रोकने के लिए आपातकालीन ब्रेक लगया जिससे ट्रेन उस स्थान से सिर्फ 25 मीटर पहले ही रुक गई। ऐसा करने से हाथी की जान बच गई।


बता दें कि जिस स्थान पर यह घटना घटी उसे हाथी कॉरिडोर के रूप में चिह्नित नहीं किया गया था। इनके बावजूद, लोको पायलट लगभग 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाते हुए सावधानी बरत रहा था और हाथी को बचाने में कामयाब रहा।