चुनाव आयोग (election commission of india) ने गुरुवार को कहा कि सभी राजनीतिक दल यूपी में समय से चुनाव चाहते हैं। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा (Chief Election Commissioner Sushil Chandra) ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से राय ली गई है। ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी की कोशिश की। पुलिस प्रशासन से भी इंतजाम पर बात की गई है। 

चुनाव आयोग (election commission) ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly elections) में मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया जाएगा। चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता पंजीकरण का कार्यक्रम भी चल रहा है। उस पर काफी मेहनत हुई है। 5 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची (UP voter list) प्रकाशित की जाएगी। कोरोना को देखते हुए 1500 लोगों पर एक बूथ को घटाकर 1250 लोगों पर एक बूथ कर दिया गया है। इससे 11 हजार बूथ बढ़े हैं। हर पोलिंग बूथ पर पानी, बिजली और शौचालय की व्यवस्था होगी। दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर और रैंप की व्यवस्था होगी।


मुख्य चुनाव आयुक्त (chief election commissioner) ने कहा, सभी राजनीतिक दलों ने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए समय पर चुनाव कराए जाएं। कुछ दलों ने रैलियों में कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर चिंता जाहिर की। महिलाओं मतदाताओं की सुरक्षा को लेकर और महिलाओं मतदाताओं की पहचान की व्यवस्था करने की भी सलाह दी गई है। कुछ दलों ने कुछ अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाया। अधिकतर राजनीतिक दलों ने धनबल, शराब आदि के प्रयोग को लेकर लेकर चिंता जाहिर की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद सभी एसपी, डीआईजी, कमिश्ननर से मिलकर हालात का जायजा लिया गया। इसके बाद सभी नोडल अधिकारियों से चर्चा की गई। सबसे अंत में मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से बातचीत की।