3300 साल पुराने बबून बंदर की खोपड़ी से मिस्र का खजाना मिल सकता है। जहां अभी तक आपने मिस्र से जुड़ी कई कहानियां सुनी होंगी जिनमें भगवान की जमीन' या 'Land of Punt' की कहानी भी शामिल है। यहां से निकलने वाले लोगों के हाथ बहुत सारा खजाना लगा है। यह सबसे पुरानी काल्पनिक कथाओं में से एक है।

हाल ही में एक 3300 साल पुराने बबून की खोपड़ी सामने आई है। इस खोपड़ी को उसी जगह का बताया जा रहा है। इससे वहां के कई रहस्य खुलने की उम्मीद है। इस बबून अवशेष ये हैं। इसकी खोज 19वीं सदी में की गई थी। मिस्र के लोग इस बबून को विवेक का देवता मानते थे। इसे सूर्य देव से भी जोड़ा जाता था। हालांकि प्राइमेट्स की यह प्रजाति मूल रूप से मिस्र की नहीं है। इस बबून के दांतों में स्ट्रॉन्शियम के आइसोटोप्स की स्टडी की गई थी, जिससे किसी जगह का पता लगाया जा सकता है।

जानवरों के दांतों के इनैमल में स्ट्रॉन्शियम के आइसोटोप्स के आधार पर बताया जा सकता है कि उसका शुरुआती जीवन कहां बीता होगा। इस स्टडी से पता चला है कि बबून मिस्र में पैदा नहीं हुआ था। इसका जन्म वहां हुआ था, जहां आज एरिट्रिया, इथियोपिया और सोमालिया का क्षेत्र है तथा यही वह इलाका है, जहां पुरातत्वविदों के अनुसार Punt का क्षेत्र है। इसी आधार पर माना जा रहा है कि यह बबून उसके खजाने का हिस्सा है।

मिस्र के लोगों ने 4500 साल पहले Punt जाना शुरू किया था और हजारों साल तक जाते रहे। हालांकि, इससे जुड़े लेखों में जिस खजाने का जिक्र किया जाता था, उसमें खाने के सामान से लेकर धातु और दुर्लभ जानवर भी शामिल थे। वह खजाना कभी हाथ नहीं लगा है लेकिन अब इस खोज से प्राचीन कथा की ओर उनका ध्यान गया है। डार्टमाउथ कॉलेज में प्राइमेटॉलजिस्ट नथेनियल डॉमिनी और उनके साथियों को एक ब्रिटिश म्यूजियम में यह सुरक्षित रखा हुआ मिला था।