सीबीएसई 10वी व 12वीं एग्जाम की डेट को लेकर केंद्रिय शिक्षा मंत्री ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने सीबीएसई स्कूलों के अध्यक्षों और सचिवों से बात की है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर चर्चा की। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि हमारे देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने से शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

पूरी दुनिया में ऐसा पहली बार होगा जब ऐसी शिक्षा नीति लागू की जाएगी जहां प्रधानमंत्री से लेकर ग्राम प्रधान तक के साथ विचार किया गया हो। इस नई शिक्षा नीति में थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा देश विश्वगुरु के तौर पर उभर कर आया है।

भारत के पास सबकुछ है बस उसे आगे बढ़ाने के लिए दृष्टिकोण की जरूरत है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुझे अपने छात्रों पर भी पूरा भरोसा है कि शिक्षा के क्षेत्र में भारत का नाम आगे ले जाएंगे। कोरोना काल में ऑनलाइन क्लासेस को बढ़ावा मिला। यह सबसे बड़ा उदाहरण है कि इस चुनौती भरी स्थिति में भी किसी बच्चे की पढ़ाई खराब नहीं हुई।

बच्चों ने भी इस परिस्थिति में साहस दिखाते हुए इस चुनौती का सामना किया और पूरी दुनिया में एक उदाहरण बनकर उभरे। कोरोना काल में जेईई की परीक्षा भी बहुत ही सही तरीके से करवाई गई यह भी एक बड़ा उदाहरण है। इस शिक्षा नीति को हर किसी के सुझाव को पढ़ कर बनाया गया है। आजादी के बाद पहली बार ऐसी शिक्षा नीति बनी है जो शिक्षा के क्षेत्र में कमाल करने वाली है। उन्होंने शिक्षकों की तारीफ करते हुए कहा कि देश में आईएएस बनना आसान है और शिक्षक बनना कठिन। सीबीएसई बोर्ड 10वींए 12वीं परीक्षा की डेटशीट मार्च तक जारी होने की उम्मीद की जा रही है।

इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति से कॉलेजों की डिग्री में काफी बदलाव किया गया है। जो बच्चा एक साल पढ़ेगा उसे डिप्लोमा दिया जाएगा। यदि तीन वर्ष की पढ़ाई पूरी करता है तो उसे तीन साल की डिग्री दी जाएगी। इसके अलावा अगर बच्चा फिर से बीच से पढ़ाई करना चाहता है तो भी वह आसानी से वहीं से अपनी पढ़ाई शुरू कर सकता है जहां से छोड़ी थी। स्टूडेंट्स को उनकी पढ़ाई के लिए क्रेडिट बैंक दिया जाएगा जिसे वे अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हैं।