मध्यप्रदेश के स्कूलों में स्कूल शिक्षा विभाग ने कई महीने पहले ही शीतकालीन (winter holidays) , ग्रीष्मकालीन (summer holidays)  अवकाश घोषित कर दिए हैं। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने आदेश जारी किया था। जारी आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने अवकाश तिथि घोषित की थी, जिसमें बताया गया था कि बच्चों को शीतकालीन छुट्टियां कितने दिन की मिलेंगी।

मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग (MP Government School Education Department) ने आदेश जारी कर दिए हैं कि प्रदेश की समस्त शिक्षण संस्थाओं में वर्ष 2021-22 के लिए विधार्थियों एवं शिक्षकों के लिए शीतकालीन, ग्रीष्मकालीन अवकाश (Holiday) घोषित किया गया है।

इतने दिन की मिलेगी छुट्टियां

बता दें कि, शिक्षकों और बच्चों के लिए ठंड में 7 दिन का शीतकालीन अवकाश दिया जाएगा। इसके बाद छात्रों की ग्रीष्मकालीन की छुटि्टयां 1 मई 2022 से 16 जून 2022 तक रहेंगी, जबकि शिक्षकों के लिए अवकाश 1 मई से 9 जून तक होगा। आपको बताते चलें कि, कोरोना केसों में लगातार कमी को देखते हुए सरकार ने कई ढील भी दी थी, इस क्रम में स्कूल-कॉलेज भी फिर से खोले दिए गए थे।

हालांकि फिर से कोरोना केस बढ़ने के कारण सभी स्कूल 50 फीसदी छात्र-छात्राओं के साथ खुल गए हैं। सरकार ने सभी स्कूलों को एक बार में 50 फीसदी छात्र-छात्राओं को ही बुलाने की अनुमति प्रदान की है। वहीं स्कूल खोल दिए गए हैं पर अभी भी बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लासेज जारी रहेंगे. 

बच्चों के अभिभावकों के पास इस चीज का विक्लप दिया गया है कि वह अपने बच्चे को स्कूल भेजना चाहते हैं या नहीं. अगर अभिभावकों को अभी भी बच्चों कोरोना का खतरा महसूस होता है तो वह बच्चों को घर से ऑनलाइन कक्षा में पढ़ने का निर्णय ले सकते हैं।

खुला रहेगा विकल्प

बता दें कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंटर सिंह परमार ने कहा था कि विद्यालय में सभी कक्षाएं 50 फीसदी क्षमता के साथ खोले जाएंगे. राज्य शिक्षा विभाग ने स्कूलों को कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने को कहा है. इसके अलावा राज्य शिक्षा विभाग ने स्कूलों को कहा है कि अर्धवार्षिक परीक्षाएं पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही संचालित की जाएगी.

खुद राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को लेकर हमने तय किया है कि स्कूल खोले जाएंगे, लेकिन इसकी क्षमता 50 फीसदी होगी. इसका मतलब साफ है कि एक दिन स्कूल में 50 फीसदी बच्चे आएंगे और दूसरे दिन 50 फीसदी. ऑनलाइन क्लासेज का विकल्प अभी भी खुला रहेगा।