नई दिल्ली। झारखंड कैडर की 2000 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने छापा डाला है। प्रवर्तन निदेशालय ने आज सुबह देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ 20 जगहों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ है।

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मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने सुबह 6 बजे छापेमारी की। ये छापेमारी नई दिल्ली, मुंबई, जयपुर, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मुजफ्फरपुर, रांची और अन्य शहरों में की गई। पूजा सिंघल के दूसरे पति अभिषेक के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल समेत 6 जगहों पर तलाशी ली गई। पूजा के पहले पति 1999 बैच के झारखंड में आईएएस अधिकारी हैं।

ईडी ने रांची में पूजा सिंघल के चार्टर्ड अकाउंटेंट के कार्यालय से 25 करोड़ रुपये बरामद किए हैं। एक कनिष्ठ अभियंता राम विनोद प्रसाद सिन्हा के बयान के बाद छापेमारी की गई। सिन्हा फिलहाल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की हिरासत में हैं। बताया जा रहा है कि सिन्हा ने अधिकारियों को बताया कि सिंघल ने 2 गैर सरकारी संगठनों, वेलफेयर पॉइंट और प्रेरणा निकेतन को 6 करोड़ रुपये के फंड के लिए बाध्य किया था। इतना ही नहीं पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करते हुए 83 एकड़ वन भूमि पर खनन पट्टा दिया था। पूजा सिंघल पर चतरा, पलामू, खूंटी जिलों में उपायुक्त रहते हुए मनरेगा में अनियमितताएं करने का भी आरोप है।

गोड्डा से भाजपा के लोक सभा सदस्य निशिकांत दुबे ने आईएएस अधिकारी पर ईडी की कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने ट्वीट करके लिखा, 'वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की नीली आंखों वाली नौकरशाह है।' दुबे ने आरोप लगाया कि पूजा सिंघल ने सीएम के भाई और करीबी रिश्तेदारों को खदानें आवंटित करने के लिए बाध्य किया था।

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इस बीच धनबाद में ईडी ने कोयला कारोबार और अवैध कोयला खनन में लगी 9 आउटसोर्सिंग कंपनियों के परिसरों पर भी छापेमारी की। पूजा सिंघल झारखंड राज्य खनिज विकास निगम की प्रबंध निदेशक हैं।