नेशनल कॉन्फ्रेंस ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर बैंक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए तलब किए जाने के बाद केंद्र पर निशाना साधा है। जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस (जेकेएनसी) ने एक बयान में कहा कि उसके उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को ईडी ने गुरुवार को पेश होने के लिए इस आधार पर दिल्ली बुलाया कि जांच के सिलसिले में उनकी उपस्थिति जरूरी है।

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बयान में कहा गया है, रमजान का पवित्र महीना होने और दिल्ली में उनका प्राथमिक निवास स्थान नहीं होने के बावजूद, अब्दुल्ला ने स्थगन या स्थान बदलने की मांग नहीं की और नोटिस के अनुसार पेश हुए। केंद्र सरकार ने जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने की आदत बना ली है और यह उसी दिशा में एक और कदम है। भाजपा का सार्थक विरोध करने वाले किसी भी राजनीतिक दल को बख्शा नहीं गया है। चाहे वह ईडी, सीबीआई, एनआईए, एनसीबी हो, सभी को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया है।

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बयान में कहा गया है कि एक समय था जब चुनाव आयोग द्वारा चुनावों की घोषणा की जाती थी, लेकिन अब ऐसा लगता है कि चुनाव की घोषणा ईडी द्वारा की जाती है। बयान में कहा गया है, हाल के वर्षों में हमने देखा है कि जहां भी राज्य के चुनाव होने हैं, ईडी जैसी एजेंसियां आगे बढ़ती हैं और उन पार्टियों को निशाना बनाती हैं जो भाजपा को चुनौती देती हैं। भले ही यह राजनीतिक प्रैक्टिस है, उमर अब्दुल्ला जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करेंगे क्योंकि उनकी ओर से कोई गलत काम नहीं किया गया है और वह जांच के तहत किसी भी मामले में आरोपी नहीं हैं।