दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर में लगभग 70000 लोगों को नकली कोरोना वैक्सीन लगाने के मामले का खुलासा हुआ है। वैक्सीन लगाने वाली प्राइवेट क्लिनिक ने लोगों को पूर्ण सुरक्षा के लिए तीन-तीन डोज लगाई थी। जिसमें एक डोज के लिए लगभग 1100 रुपये (15 डॉलर) चार्ज किया गया था। यह मामला इक्वाडोर की राजधानी क्विटो का है। क्विटो पुलिस के सुरक्षा प्रमुख सेसर डीआज ने अपने बयान में कहा कि इस क्लिनिक से लोगों को एक अज्ञात पदार्थ का डोज दिए जाने के लिए लगभग 15 डॉलर की फीस वसूली जा रही थी। लोगों को बताया जा रहा था कि इस वैक्सीन के तीन शॉट लगवाने के बाद वे कोरोना वायरस के प्रति इम्यून हो जाएंगे।

पुलिस ने उन लोगों के भी बयान दर्ज किए हैं, जिन्हें उस केंद्र पर फर्जी वैक्सीन का डोज लगवाया है। पुलिस ने कहा कि लगभग 70000 लोगों को फर्जी वैक्सीन की डोज दी गई है। पुलिस ने उस केंद्र को सील कर दिया और आरोपियों को पकड़ लिया है। हालांकि इस क्लिनिक के मालिक ने दावा किया कि वह लोगों को वैक्सीन की जगह पर लोगों को इम्यून बढ़ाने के लिए विटामिन और सीरम का डोज दे रहा था।

इक्वाडोर पूरे दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप में कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बना हुआ है। इस देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से अबतक 14,668 की मौत हो चुकी है, जबकि 242,146 लोग संक्रमित हुए हैं। इक्वाडोर ने फाइजर और एस्ट्रजेनेका की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दी हुई है। जबकि, यहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस साल के अंत तक देश के सभी वयस्कों को कोरोना वैक्सीन की डोज मुफ्त में देने का ऐलान किया है।