कोई भी काम सीखने में मेहनत और समय दोनों लगाने होते हैं। अगर बात ड्राइविंग की हो तो उसमें भी समय लगता है। ड्राइविंग कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे आपने पढ़ लिया और सीख गए। ड्राइविंग सीखने के लिए गाड़ी चलानी पड़ती है और फिर धीरे-धीरे समय के साथ आप बेहतर ड्राइवर बनते हैं। इसीलिए, आज हम ऐसे लोगों के लिए कुछ टिप्स लेकर आए हैं, जो अभी ड्राइविंग सीख रहे हैं।


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पैरों का इस्तेमाल
बाएं पैर को सिर्फ क्लच के लिए इस्तेमाल करें जबकि दायां पैर ब्रेक और एक्सीलेटर, दोनों पर इस्तेमाल होगा। वहीं, अगर आप ऑटोमेटिक कार में है तो आपको सिर्फ दाएं पैर का ही इस्तेमाल करना है, जो ब्रेक और एक्सीलेटर के लिए होगा।


क्लच और एक्सीलेटर
क्लच को रिलीज करते समय अचानक से एक्सीलेटर न बढ़ाएं। यह प्रोसेस धीरे होना चाहिए क्योंकि अगर आप तेज से क्लच रिलीज करके अचानक से एक्सीलेटर दबाएंगे तो हादसा हो सकता है।


सडन ब्रेकिंग न करें
सडन ब्रेकिंग से बचें। सडन ब्रेकिंग से हादसा होने की संभावना बढ़ जाती है। मान लीजिए आपकी कार के पीछे कोई दूसरा वाहन आ रहा है और आपने सडन ब्रेक अप्लाई कर दिए तो पीछे से आने वाला वाहन आपसे टकरा जाएगा।

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स्टीयरिंग को ढीले हाथों से पकड़ें
स्टीयरिंग को ढीले हाथों से पकड़ना चाहिए ताकि आपकी बॉडी के मूवमेंट का असर कार के स्टीयरिंग पर न पड़े और वह स्टेबल रहे। अगर स्टीयरिंग को टाइट हाथों से पकड़ते हैं तो आपका बॉडी मूवमेंट कार के स्टीयरिंग पर ट्रांसफर होता है।



आसपास नजर रखें

कार चलाते समय जितना जरूरी आगे देखना है, उतना ही जरूरी यह भी देखना है कि आपके आसपास और कौन-कौन से वाहन चल रहे हैं। इसके लिए आईआरवीएम और ओआरवीएम पर नजर बनाए रखें।