मोदी सरकार किसानों को समृद्ध बनाने के लिए कई तरह से पैसा दे रही है जिसका वो आसानी से फायदा उठा सकते हैं। अब किसानों के लिए मार्केट में कृषि यंत्रों के आ जाने से खेती-बाड़ी भी आसान हो गई है। इसके अलावा किसानों का मुनाफा भी पहले से कई गुना बढ़ गया है। परंतु, इन कृषि यंत्रों की कीमत बाजार में अधिक है। ऐसे में किसान किराए पर इन यंत्रों का उपयोग करते हैं। जिससे खेती में किसानों की लागत बढ़ जाती है। लेकिन सरकार किसानों की इन दिक्कतों को दूर करने के लिए तमाम कृषि यंत्रों पर अच्छी-खासी सब्सिडी देती है।

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भारत सरकार आजकल खेती-किसानी में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने लगी है। इसका उपयोग कर किसान अपनी खेती को और बेहतर कर सकते हैं। इसे खरीदने के लिए किसानों को कृषि मशीनरी प्रशिक्षण और परीक्षण संस्थानों, आईसीएआर संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा 100 प्रतिशत लागत तक या 10 लाख रुपए तक अनुदान दिया जाता है।

आजकल ट्रैक्टर के बिना खेती की कल्पना करना भी मुश्किल है। लेकिन बाजार में इसकी कीमत भी काफी ज्यादा है। हालांकि, किसानों की मुश्किलों को कम करने के लिए बैंकों के द्वारा भी लोन भी प्रदान किया जाता था। अगर आप ट्रैक्टर के लिए लोन लेना चाहते हैं, तो आपने किसी भी नजदीकी बैंक शाखा से जाकर ट्रैक्टर लोन की सभी जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं।

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किसान आसानी से कृषि यंत्र खरीद सकें, इसके लिए सरकार भी समय-समय पर योजनाएं लॉन्च करती रहती है। इन्हीं में से एक राष्ट्रीय कृषि विकास योजना है, जो किसानों को 4 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर पर कृषि यंत्रों को खरीद सकते हैं। इसके अलावा कस्टम हायरिंग सेंटर की तरफ से किसानों को कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जाती है।