किसान आंदोलन का असर अब भाजपा शासित राज्य सरकारों पर भी पड़ने लगा है जिसके चलते कई सहयोगी पार्टियां अपना समर्थन वापस लेने पर उतारू हो गई हैं। राजस्थान के बाद अब हरियाणा में भी किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी की सहयोगी दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी की तरफ से भी बगावत के सुर सुनते पड़ रहे हैं। इसी के साथ ही कृषि कानूनों को लेकर हरियाणा में इस पार्टी के सरकार से अलग होने की मांग तेज होने लगी है। हाल ही में दुष्यंत चौटाला ने इस मुद्दे पर विधायकों के साथ बैठक की।

खबर है कि हाल ही में डेप्युटी सीएम दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में जेजेपी विधायकों की एक बैठक हुई। इस बैठक में हरियाणा में बीजेपी के नेतृत्व वाली खट्टर सरकार से समर्थन वापसी की मांग तेज हुई है। रिपोर्ट के अनुसार 8 दिसंबर को पार्टी विधायकों की एक बैठक हुई जिसमें किसान आंदोलन को लेकर चर्चा हुई। इस मीटिंग में पार्टी विधायकों से किसान आंदोलन का उनके क्षेत्र में असरए राज्यों को लोगों के रुख आदि के बारे में फीडबैक लिया गया।

खबर है कि यह बैठक एक एयरपोर्ट पर हुई है। लेकिन जगह शहर के नाम का खुलासा नहीं हो पाया है। इस मुद्दे पर पार्टी के विधायक देवेंदर बबली ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि कोई ऐसी नौबत ना आए कि सरकार इतना ज्यादा खींचे, लेकिन इसमें हम तो प्राथमिकता किसान की बात को पहले से भी दे रहे हैंण् आज भी दे रहे हैंए आगे भी देंगे। किसानों ने हमारे हरियाणा प्रदेश के वोटर्स ने यहां भेजा है हमें। आज सहयोगी के रूप में काम कर रहे हैं, कल को शोषण होता है अगर किसी का तो थोड़ ही ना आंख मूंद कर देखते रहेंगे इसको।