गुवाहाटी. असम के बारपेटा जिला स्थित एफएए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पिछले 24 घंटे के दौरान छह नवजात शिशुओं की मौत हो गयी, जिसके बाद राज्य की मेडिकल सेवाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।


हालांकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा ने अस्पताल की शुरुआती रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि ये मौतें जन्म के समय की जटिलताओं की वजह से हुई हैं।


एक नवजात की मौत आज सुबह हुई, जबकि पांच नवजातों ने कल रात दम तोड़ा. सभी नवजात दो से चार दिन के थे और सरकारी अस्पताल के बाल चिकित्सा विभाग के आईसीयू में उनका उपचार चल रहा था. मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. बी गोस्वामी के अनुसार, नवजातों को सभी चिकित्सा सुविधायें प्रदान की गयी थीं, लेकिन जन्म संबंधी जटिलताओं के कारण उनकी मौत हो गयी. उन्होंने कहा कि बाल चिकित्सा विभाग में डाक्टरों की कोई कमी नहीं है।


श्री शर्मा ने मीडिया को बताया कि सभी नवजातों को नवजात देखरेख यूनिट में रखा गया था और उनकी समुचित देखरेख की जा रही थी. नवजातों की स्थिति गम्भीर थी, जिसके बाद उनकी मौत हुई. दो माताओं की आयु 20 वर्ष से कम थी. बारपेटा जिले में नवजातों की मृत्यु दर पिछले वर्षों के मुकाबले इस वर्ष कम रही है।