त्रिपुरा में दुर्गा पूजा का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। राजधानी अगरतला में विषय आधारित पूजा पंडालों की वहीं ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक पंडालों की धूम है। ज्यादा बजट वाली पूजा समितियों ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर और राजस्थान के शीश महल सहित कई अन्य विषयों और स्थलों वाले पंडाल लगाए हैं।


आयोजकों ने कहा कि विषय आधारित पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बनते हैं और इन्हें देखने के लिए ज्यादा संख्या में लोग आते हैं। बड़े पूजा आयोजकों में से एक ‘नेताजी प्ले फोरम’ के सचिव गौतम पॉल ने बताया कि उनका पूजा पंडाल फिल्म ‘पद्मावत’ पर आधारित है। उन्होंने बताया कि पहले कुछ दिनों में यहां काफी लोग पंडाल देखने आए। आने वाले दिनों में और अधिक लोगों के आने की संभावना है।


देशबंधु चितरंजन पूजा समिति ने बताया कि जयपुर के शीश महल वाली प्रतिकृति बनाने में करीब 35 लाख रुपये खर्च हुए हैं। समिति के अध्यक्ष शिबू साहा ने कहा कि लोगों के आग्रह के बाद शीश महल पर आधारित प्रतिकृति बनाई गई है। कई लोगों का कहना था कि उन्होंने अभी तक शीश महल नहीं देखा है इसलिए पंडाल की थीम शीश महल रखी जाए ताकि यहां के लोग इसकी भव्यता का अनुभव कर सकें। इस पंडाल को सजाने के लिए ग्रेनाइट पत्थर और कांच का इस्तेमाल किया गया है।


शिव नगर मॉर्डन क्लब ने बद्रीनाथ मंदिर के आधार पर पंडाल बनाया है। वहीं राज्य के ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक पंडलों की धूम रही। यहां एक स्थान पर दुर्गा पूजा का आयोजन महिलाओं ने किया है। अमादेर क्लब की पूजा समिति की प्रमुख ने बताया कि यहां आयोजक महिलाएं हैं और उन्होंने चंदा करके पंडाल को सामान्य तरीके से सजाया है। इस साल राज्य में कुल 2,459 दुर्गा पूजा पंडाल बनाए गए हैं।