उत्तराखंड के कुमाऊं में कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ और जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। भूस्खलन के चलते कई मुख्य राजमार्ग बंद हो गये हैं और उच्च हिमालयी क्षेत्र में छह सड़कें बंद होने से चीन सीमा से सम्पर्क कट गया है। नैनीताल-हल्द्वानी के बीच भी शनिवार सुबह रोड धंसने से यातायात बाधित हुआ है। अतिवृष्टि की सबसे अधिक मार सीमांत जनपद पिथौरागढ़ पर पड़ी है। यहां भारी बारिश के कारण 19 सड़कें बंद हो गयी हैं। 

धारचूला, मुनस्यारी और बंगापानी क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान की सूचना है। आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार देर रात को यहां दो आवासीय मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। धापा में भी लगातार भूस्खलन हो रहा है। धारचूला तहसील के बलुवाकोट के जोशी गांव में पिछले तीन दिन से लापता महिला का कोई सुराग नहीं लग पाया है। यहां 10 परिवार भी भूस्खलन की जद में आ गये हैं। यहां बादल फटने से भारी मलबा आ गया था और एक महिला पशुपति देवी मलबे की चपेट में आग गयी थी। वह तभी से लापता है। 

पिछले तीन दिनों से यहां राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा प्रबंधन बल के साथ ही पुलिस एवं राजस्व कर्मियों की टीम राहत एवं बचाव कार्य चला रही है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पिछले तीन दिनों से गांव में कैम्प में रह रहे हैं जबकि जिलाधिकारी आशीष चौहान भी आज प्रभावित गांव का दौरा कर रहे हैं। अतिवृष्टि के चलते पिथौरागढ़ का चीन सीमा से भी सम्पर्क कट गया है। यहां चीन सीमा को जोडऩे वाले छह मार्ग मलबा आने और धंसने से बंद हो गये हैं। उच्च हिमायली क्षेत्र में स्थित ये सभी सड़कें सीमा सड़क संगठन एवं केन्द्रीय लोक मिर्नाण विभाग के जिम्मे हैं। बंद पड़ी इन सड़कों में जौलजीबी-मुनस्यारी, पिथौरागढ़ -तवाघाट, तवाघाट-घटियाबगड़, तवाघाट-सोबला, घटियाबगड़-लिपूलेख, सोबला-दर-तिदांग शामिल हैं। घटियाबगड़ एवं लिूपलेख के बीच भारी चट्टान खिसकने से रोड बंद है। इससे व्यास घाटी का सम्पर्क कट गया है। 

इसी प्रकार सोबला-दर-तिदांग राष्ट्रीय राजमार्ग भी अतिवृष्टि के चलते कई जगहों में बह गया है। सभी मार्गों की मरम्मत का काम चल रहा है। बागेश्वर जनपद में भी बारिश के चलते सड़कों पर असर पड़ा है। यहां आठ सड़कें मलबा आने से बंद हो गयी हैं। बागेश्वर के कांडा में बस अड्डे के पास एक कार पर विशालयकाय पेड़ के गिरने से कार को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि यहां फिलहाल किसी प्रकार के जनहानि की सूचना नहीं है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 

नैनीताल में भी कल देर रात बारिश आफत लेकर आयी और हल्द्वानी-नैनीताल के बीच डॉन बास्को स्कूल के पास आज सुबह सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। जिससे नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ के लिए भारी वाहनों की आवाजाही बाधित हो गयी है। हल्द्वानी-भीमताल मार्ग पहले ही भूस्खलन के चलते ठप पड़ा हुआ है। भवाली-ज्योलिकोट के बीच बीर भट्टी के पास कई दिनों से लगातार हो रहे भूस्खलन से पहले ही आवाजाही ठप है। नैनीताल- हल्द्वानी के बीच सड़क धंसने से प्रशासन अब पहाड़ों को जाने वाले भारी वाहनों को रामनगर-मोहान के रास्ते भेज रहा है। 

नैनीताल की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रीति प्रियदर्शिनी ने लोगों को इन दिनों बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। उधमङ्क्षसह नगर जनपद के बाजपुर तहसील के बरहैनी में भी शुक्रवार देर रात को भारी बारिश के कारण एक घर की छत और दीवार भरभराकर गिर गयी। जिससे उसमें रह रहे एक दम्पत्ति दब गया। मौके पर भीड़ जुट गयी और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित कर दम्पत्ति को बाहर निकाला गया। दोनों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार चल रहा है।