टी-20 विश्वकप (T20 World Cup) में पहली बार डिसिजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) (DRS) का उपयोग किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) (ICC) की गवर्निंग बॉडी ने इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि इस महीने के अंत में शुरू हो रहे आईसीसी टी-20 विश्व कप ( ICC T20 World Cup) में डीआरएस की सुविधा उपलब्ध रहेगी। आगामी टी-20 विश्व कप के लिए इस सप्ताह आईसीसी द्वारा जारी की गई खेल की शर्तों के अनुसार, प्रत्येक टीम को प्रति पारी अधिकतम दो रिव्यू लेने का म़ौका मिलेगा। 

गवर्निंग बॉडी ने पिछले साल जून में सभी प्रारूपों के एक मैच की प्रत्येक पारी में, प्रत्येक टीम के लिए एक अतिरिक्त डीआरएस (DRS) की पुष्टि की थी। कोविड 19 की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कई बार ड्यूटी पर कम अनुभवी अंपायर हो सकते हैं। इसीलिए प्रत्येक टीम के लिए प्रति पारी असफल अपीलों के लिए वनडे और टी-20 मैचों दो और टेस्ट के लिए तीन डीआरएस (DRS in T20 World Cup) की समीक्षा सुविधा देने का निर्णय लिया था। इसके साथ ही आईसीसी ने मैच में देरी और बारिश से बाधित मैचों के लिए न्यूनतम ओवरों की संख्या बढ़ाने का भी फैसला  किया है। 

टी-20 विश्व कप (DRS in T20 World Cup) के ग्रुप चरण के दौरान प्रत्येक टीम को डीएलएस (DRS in T20 World Cup) पद्धति से परिणाम तय करने के लिए कम से कम पांच ओवर बल्लेबाजी करनी होगी। हालांकि सेमीफाइनल और फाइनल के लिए प्रत्येक टीम को परिणाम तय करने के लिए कम से कम 10 ओवर बल्लेबाजी करनी होगी। पुरुषों के टी-20 विश्व कप में इससे पहले डीआरएस  (DRS in T20 World Cup) का उपयोग नहीं किया गया था क्योंकि इस इवेंट का अंतिम संस्करण 2016 में हुआ था जब टी-20 में डीआरएस नहीं था। 2018 महिला टी-20 विश्व कप आईसीसी का पहला टूर्नामेंट था जिसमें डीआरएस उपलब्ध था। इस प्रतियोंगिता में प्रत्येक टीम के पास एक रिव्यू उपलब्ध था। ऑस्ट्रेलिया में महिला टी-20 विश्व कप के 2020 संस्करण में फिर से उसी का उपयोग किया गया था।

 डीआरएस अंपायरों द्वारा निर्णय लेने में गलती होने के मार्जिन को कम करने के लिए बनाया गया था। इस नियम के जरिए अगर कोई खिलाड़ी अंपायर के फै़सले से नाखुश है तो वह रिव्यू ले सकता है। इसके बाद फील्ड अंपायर तीसरे अंपायर से परामर्श लेते हैं। पुरुष क्रिकेट की बात की जाए तो इसका प्रयोग 2017 के बाद से आईसीसी के प्रमुख प्रतियोगिताओं में किया जा रहा है। आईसीसी के नियमों के तहत, पुरुषों और महिलाओं दोनों के अंतर्राष्ट्रीय मैचों में डीआरएस का उपयोग द्विपक्षीय श्रृंखला के लिए भाग लेने वाले दोनों बोर्ड के विवेक पर है कि वह इस प्रणाली का प्रयोग करना चाहते हैं या नहीं।