चंडीगढ़ देश के उन शहरों में से एक है जो रहने के लिए पसंदीदा सूची में रहता है। इस शहर में रहने की हसरत तो बहुत से लोग रखते हैं लेकिन सीमित जमीन, नए हाउसिंग प्रोजेक्ट लांच नहीं होने और महंगे मकान की वजह से रहने का सपना साकार नहीं हो पाता। लेकिन अब ऐसे लोगों के लिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड अच्छा मौका लेकर आया है।

शहर के 20 से अधिक सेक्टरों में अलग-अलग लोकेशन पर बिल्ट अप बेसिस पर मकान ई-टेंडर के जरिये बेचे जा रहे हैं। वीरवार पहली अप्रैल से ई-टेंडर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस ई-टेंडर में 30 अप्रैल तक आवेदन कर बिड दी जा सकती है। यह बिड 30 अप्रैल तक जितनी बार मर्जी बढ़ाई जा सकती है। सीएचबी 109 फ्री होल्ड रेजिडेंशियल प्राॅपर्टी को पहले बेचने जा रहा है।

सबसे खास बात यह है कि इन मकान की बिड से पहले आवेदक को प्रॉपर्टी को फिजिकली देखने का मौका भी सीएचबी दे रहा है। इन सभी मकानों के बाहर नंबर के स्टीकर लगाए जाएंगे। जिससे मौके पर जाकर प्रापर्टी को अच्छे से देखा जा सकता है। ई-टेंडर में बिड लगाने वाले हर शनिवार सुबह 10 से शाम पांच बजे तक इन मकानों को मौके पर जाकर देख सकते हैं। मकान उनकी उम्मीदों पर खरा उतरता है तो वह उसके लिए बिड कर सकते हैं। सीएचबी की वेबसाइट www.chbonline.in पर विजिट कर प्राॅपर्टी के बारे में जानकारी ली जा सकती है।

ई-टेंडर प्रक्रिया भारत के सभी नागरिकों के लिए ओपन है। फिर चाहे वह एनआरआई या पीआईओ ही क्यों न हो। 18 वर्ष से अधिक आयु होना अनिवार्य है। जिस व्यक्ति के नाम पहले से रेजिडेंशियल कॉमर्शियल प्रापर्टी है वह भी ई-टेंडर में आवेदन कर सकता है। प्रत्येक यूनिट के लिए अलग ई- टेंडर होगा। ई-टेंडर में बिड रिजर्व प्राइज से अधिक होनी जरूरी है। जिसकी बिड सबसे अधिक होगी उसे टेंडर आवंटित किया जाएगा। अलॉटमेंट के बाद इन प्रापर्टी को आगे ट्रांसफर, बेचा जा सकता है। फ्री होल्ड प्रॉपर्टी होने से यह सुविधा रहेगी। लीज होल्ड में यही सबसे बड़ी बाधा होती है जिससे खरीददार इन्हें खरीदने में रूचि नहीं दिखाते।