राज्य में पिछले चार साल से जारी एनआरसी अद्यतन प्रक्रिया अपने पड़ाव पर है। इस बीच आगामी 15 जून को एक और ड्राफ्ट एनआरसी प्रकाशन को लेकर राज्य की पुलिस बेहद मुश्तैद हो गई है। किसी तरह की अप्रिय परिस्थिति नहीं पैदा होने देन के लिए सभी जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पहले ही सतर्क किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में चले रहे एनआरसी अद्यतन में लगे अधिकारियों को दीगर तमाम प्रशासनिक और विभागीय जिम्मेदारियों से मुक्त किया जा चुका है।


एनआरसी राज्य संयोजक कार्यकाल की तरफ से विगत 26 अप्रैल को सभी उपायुक्तों व जिला नागरिक पंजीयन रजिस्ट्र को कह दिया गया था कि एनआरसी के काम में लगे समस्त स्टाफ को किसी भी तरह का कोई और दयित्व नहीं दिया जाए। बताया गया है कि एनआरसी अधिकारी आगामी 15 जून को अतिरिक्त ड्राफ्ट प्रकाशित करने के लिए युद्धस्तर पर सक्रिय हो गए हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक कुलधर सैकिया ने मीडिया को बताया कि  किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस चौकस है। जरूरत पड़ने पर राज्य के बाहर से भी सुरक्षा बल मंगवाया जाएगा।आगामी 31 जुलाई को सुप्रिम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक किसी भी हालत में पूर्ण अद्यतनित एनआरसी प्रकाशित करनी है। इस बीच नागरिकता (नागरिकों के पंजीयन व राष्ट्रीय नागरिकता पत्र जारी) कानून 2003 के अनुच्छेद- 5 के तहत जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त ड्राफ्ट एक्सक्ल्यूजन लिस्ट का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया है। तय हुआ है कि आगामी 15 जून 2019 को यह अतिरिक्त ड्राफ्ट जारी हो जाएगा। एनआरसी अधिकारी दावे तो बहुत कर रहे हैं लेकिन अभी भ बहुत सारे दावेदारों को सुनवाई की तारीख और स्थान की जानकारी मुहैया नहीं कराई गई। संबंधित वेबसाइट भी चिंतित लोदों को मदद नहीं कर पा रही है।