दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि राजधानी के मतदान केंद्रों को वैक्सीनेशन सेंटरों में बदला जाएगा और जहां वोट, वहां वैक्सीनेशन अभियान के तहत बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट बुक करेंगे। सीएम केजरीवाल ने यह भी कहा कि जल्द ही डोर टू डोर वैक्सीनेशन शुरू किया जाएगा।

केजरीवाल ने ऑनलाइन ब्रीफ्रिंग में कहा कि दिल्ली में 45 वर्ष से अधिक उम्र के 57 लाख लोग हैं, जिनमें से 27 लाख को कोरोना वायरस वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है, जबकि 30 लाख लोगों का अभी वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि दिल्ली सरकार द्वारा बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटरों पर 45 वर्ष और अधिक आयु वर्ग के लोग नहीं आ रहे हैं और वैक्सीन का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में करीब 280 वार्ड हैं। मंगलवार से BLO 72 वार्ड के घरों में जाएंगे और वैक्सीनेशन के लिए पात्रता रखने वाले लोगों की पहचान करेंगे तथा उन्हें मतदान केंद्रों पर वैक्सीनेशन के लिए भेजेंगे। उन्होंने कहा कि चूंकि मतदान केंद्र लोगों के घरों के नजदीक हैं इसलिए उन्हें वैक्सीन लगवाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा, सरकार ने लोगों को वैक्सीनेशन सेंटरों तक लाने के लिए ई-रिक्शों की भी व्यवस्था की है।

केजरीवाल ने बताया कि BLO 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नजदीक के मतदान केंद्रों पर वैक्सीनेशन करवाने के लिए समय और तारीख बताएंगे। पांच दिन के चक्र में सभी पात्र लोगों को इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चार हफ्ते में सभी 280 वार्ड में यह प्रक्रिया की जाएगी और उसके बाद सरकार यह कह पाने में सक्षम हो सकती है कि सभी पात्र (45 वर्ष एवं अधिक) लोगों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी तरह का अभियान तीन महीने के बाद वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब हमें 18-44 वर्ष आयुवर्ग के लोगों के लिहाज से पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन मिल जाएंगे तो हम इस आयुवर्ग के लोगों के लिए भी यही कार्यक्रम शुरू करेंगे। सीएम ने कहा कि जल्द ही घर-घर जाकर वैक्सीनेशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य अगले चार हफ्तों में 45 साल से ऊपर के सभी लोगों का वैक्सीनेशन करना है।