राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर राज्य के लोगों के बीच भारी दहशत के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि लोगों जब भी चिंतित होते हैं, उन्हें अपनी दीदी के बारे में सोचना चाहिए।


बनर्जी ने मुर्शिदाबाद जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'उनकी दीदी हमेशा उनके पास रहेगी और उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है।' उन्होंने लोगों से कहा कि वे बाहरी लोगों की बातें नहीं सुने क्योंकि बंगाल में एनआरसी लागू नहीं होने दिया जायेगा।


उन्होंने दोहराया कि सांप्रदायिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, 'बंगाल के लोगों को गुमराह करने के लिए हैदराबाद से आने वाले नेता भारतीय जनता पार्टी के एजेंट हैं। तृणमूल कांग्रेस हमेशा से बंगाल के लोगों के साथ है और पूरे साल उनके अधिकारों के लिए लड़ती रही है।'


उन्होंने कहा कि सरकार चक्रवात बुलबुल से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करेगी। राज्य में श्रमिक सुरक्षित हैं और बेरोजगारी में 42 प्रतिशत की कमी आई है। उल्लेखनीय है कि मुर्शिदाबाद में एक नया विश्वविद्यालय बन रहा है जिसकी जिले के लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे।

बता दें कि असम में 3,30,27,661 लोगों ने NRC में शामिल किए जाने के लिए आवेदन किया है। कुल आवेदकों में से 3,11,21,004 लोगों को एनआरसी की अंतिम सूची में शामिल करने के योग्य पाया गया है, जबकि 19,06,657 लोग इस सूची से बाहर हो गए हैं। हालांकि गृह मंत्रालय पहले ही कह चुका है कि जो लोग राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची से बाहर हो गए हैं, उन्हें हिरासत में नहीं लिया जाएगा। मंत्रालय का कहना है कि ये लोग 120 दिनों के अंदर अपील कर सकते हैं।