चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। डोकलाम विवाद सुलझने के बावजूद न केवल चीनी घुसपैठ जारी है बल्कि इसमें तेजी भी आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक चीन ऐसा भारत पर दबाव  बनाने के लिए कर रहा है। भारत-चीन सीमा पर 73 बार घुसपैठ हो चुकी है। पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में चीन का हेलिकॉप्टर वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार कर भारतीय सीमा में घुस आया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में 2016 के मुकाबले चीन ने ज्यादा घुसपैठ की है। जहां 2016 में सिर्फ 270 बार घुसपैठ हुई वहीं 2017 में यह संख्या बढ़कर 400 हो गई। 2016 में 2015 के मुकाबले घुसपैठ  में गिरावट देखी गई थी। 

उस वक्त 350 बार घुसपैठ हुई थी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 सितंबर को बाराहोती में आईटीबीपी की 2 बीएओपी(रिमखिम और लपथल)का दौरा किया था, उसी इलाके में 11 अक्टूबर 2017 को चीन के दो हेलिकॉप्टर तुंजुन ला के रास्ते भारतीय सीमा में 4.5 किलोमीटर तक घुस आए थे। दोनों हेलिकॉप्टर एमआई-17 थे, जो भारतीय क्षेत्र में यानि रिमखिम और लपथल के इलाके में  1200 से 1500 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे थे। वहीं 7 नवंबर को लद्दाख क्षेत्र में 4 चीनी हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा में घुस आए थे। एक हेलिकॉप्टर करीब 30 मिनट तक हवा में मंडराता रहा था। हेलिकॉप्टर से घुसपैठ के अलावा अक्टूबर और नवंबर में ट्रिंग हाईट,रिमखिम और डेप्संग में भी चीन ने कई बार घुसपैठ की। 

अक्टूबर में लद्दाख क्षेत्र में ट्रिंग हाईट के पास 6 बार घुसपैठ हुई। 14 अक्टूबर और 3 नवंबर को चीनी सैनिक भारतीय सीमा के 7 किलोमीटर अंदर तक घुस आए थे। डेप्संग में तो 27 और 31 अक्टूबर को चीनी सैनिक 15 किलोमीटर अंदर तक घुस आए थे। वहीं नवंबर में 8 बार लद्दाख क्षेत्र के ट्रिंग हाईट में घुसपैठ की घटनाएं सामने आई। 12 नवंबर को चीनी सेना 6 किलोमीटर तक भारतीय सीमा के अंदर आ गई थी। 

आपको बता दें कि भारत और चन के बीच साल 2000 से पहले सीमा पर सिर्फ 8 विवादित क्षेत्र थे, वहीं साल 2000 में इसमें 3 नए क्षेत्रों का इजाफा हो गया। चीनी सेना की घुसपैठ बढऩे से अब करीब 23 जगहों पर सीमा को लेकर विवाद चल रहा है। इनमें लद्दाख के ट्रिंग हाईट, रिमखिम,पासुंग सो और डेप्संग शामिल हैं।