कोरोना वायरस शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक बीमारी भी बनता जा रहा है। यह कई लोगों के दिमाग में ऐसा डर बिठा चुका है कि डॉक्टर तक मेंटर हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण भोपाल में देखने को मिला। यहां एक 50 वर्ष के मेडिकल प्रोफेशनल डॉक्टर कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हैं लेकिन दिमागी रूप से वह इससे संक्रमित हो चुके हैं। डॉक्टर के दिमाग में कोरोना फोबिया इतना भयंकर बढ़ गया कि इनको मेंटल हेल्थ केयर में भर्ती कराना पड़ा।
जब कोरोना का फोबिया घरवालों को पता चला तो डॉक्टर के परिवार वाले इनको अस्पताल पर लेकर आए। यहां आकर पूरी बात बताई गई। मेंटल हेल्थ केयर से सारी बातें समझ कर इनके तमाम चेकअप शुरू किए। एमपी मेंटल हेल्थ अथॉरिटी के सचिव आरएन ने साहू ने बताया कि इनके अंदर कोरोना वायरस के कोई भी लक्षण से संबंधित कोई भी बीमारी नहीं है इनको हाई ब्लड प्रेशर डर और घबराहट हो रही है। मध्य प्रदेश मेंटल हेल्थ अथॉरिटी के सेक्रेटरी आरएन साहू ने बताया कि इनको कोरोना के कोई भी लक्षण नहीं है। इनको ब्लड प्रेशर, टेंशन की वजह से ऐसा हो रहा है। इसके अलावा कोरोना वायरस और लॉक डाउन के बाद जैसे हालात हो गए हैं वो सब इनके दिमाग में घर कर गया है।

एक की मौत
गौरतलब है कि कोरोया वायरस का प्रकोप प्रदेश में बढ़ता जा रहा है। कोरोना वायरस से संक्रमित 65 वर्षीय महिला की इंदौर के एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से यह पहली मौत है। इंदौर में भी पांच लोग इससे संक्रमित हुए हैं।

इंदौर में पांच लोग संक्रमित
इंदौर में जिन पांच लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है उनमें से किसी ने विदेश यात्रा नहीं की थी, सभीस्थानीय स्तर पर संक्रमण की चपेट में आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश भर में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि कुल 15 लोगों में हुई है। इंदौर और उज्जैन में कोरोना वायरस संक्रमण के मरीज सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने दोनों शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है।