भ्रष्टाचार रोधी एवं निगरानी प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने मंगलवार को रिश्वत लेते हुए जीएमसीएच के चिकित्सक डा. मनोज कुमार वैश्य(37) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया । आरोपी चिकित्सक ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने की मांग की थी, जिसके बाद पीड़ित व्यक्ति ने इसकी शिकायत एसीबी मुख्यालय के अधिकारियों को कर दी।  विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजभवन का कर्मचारी रामेश्ववर प्रसाद शाह का निधन गत 19 सितंबर को हो गया था, जिसके बाद उसका अंत्यपरीक्षण जीएमसीएच के चिकित्सक मनोज कुमार वैश्य ने किया।


इस दौरान आरोपी चिकित्सक ने रामेश्वर के भाई हरेन कुमार को अपना मोबाइल नंबर देते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने के समय उससे मिलने को कहा। गत 14 अक्टूबर को पीड़ित व्यक्ति पोस्टमार्ट रिपोर्ट लेने के लिए पहुंचा तो चिकित्सक ने उससे 50 हजार रुपए की मांग की, जिसके बाद सौदा 12 हजार रुपए में तय हुआ। पीड़ित व्यक्ति ने इसकी शिकायत एसीबी मुख्यालय में कर दी जिसके बाद आज दोपहर करीब ढ़ाई बजे आरोपी चिकित्सक को 8 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

यह पहला मौका नहीं है जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने की एवज में रुपयों की मांग की गई हो। मृतक व्यक्ति के परिजन ही नही बल्कि पुलिस कर्मियों को भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल करने के लिए जीएमसीएच के कुछ भ्रष्ट चिकित्सकों को चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है।